LIBROS DEL AUTOR: rakesh kumar arya

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  • Mazhab Hi To Sikhata Hai Aapas Me Bair Rakhna (मज़हब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    मज़हब व्यक्ति के मानस को विकृत करता है। संसार में जितना रक्तपात मजहब को लेकर हुआ है, उतना किसी अन्य बिन्दु पर नहीं हुआ। 300 वर्ष तक चलने वाला क्रूसेड युद्धों का क्रम और उसके पश्चात अनेक देशों का इस्लामीकरण किया जाना या ईसाईकरण किया जाना हमारी इस बात की पुष्टि करता है। यहां तक कि भारत का विभाजन भी 1947 में मजहब के आधार पर ही हुआ था।आज भी विश्व के अनेक देश इस्लामिक आतंकवाद से जूझ...
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    14,42 €

  • Ishwar Ke 100 Naamo Ki Kavyatmak Vyakhya (ईश्वर के 100 नामों की काव्यात्मक व्याख्या)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    स्वामी दयानंद जी महाराज द्वारा ईश्वर के जिन सौ नामों की व्याख्या ’सत्यार्थ प्रकाश’ में की गई है उन्हें मेरे द्वारा इस पुस्तक के माध्यम से पद्यात्मक शैली में सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जिससे कि जनसाधारण इनका अर्थ समझ सके। प्रत्येक नाम की व्याख्या के साथ यह भी ध्यान रखा गया है कि उसमें कुछ भक्ति भाव भी आ जाए। जिससे आत्म कल्याण का रास्ता प्रशस्त हो सके। पुस्...
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    13,36 €

  • Communal Problem and Religion in India
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    It is often said that ’Majhab’ does not teach hatred, but the harsh reality of the world is that ’Majhab’ is precisely what teaches us to hate each other. Through this book, the learned author, Dr. Rakesh Kumar Arya, has successfully attempted to prove, based on numerous pieces of evidence and historical facts, that ’Majhab’ has caused people around the world to shed tears of b...
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    15,54 €

  • Vibhajan Ki Vibhishika Aur Gandhiji (विभाजन की विभीषिका और गांधीजी)
    Dr. Rakesh Kumar Arya
    मुस्लिम तुष्टिकरण देश को गांधीजी की देन है। जिसके कारण देश को विभाजन की पीड़ा से गुजरना पड़ा। स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज और सावरकर जी जैसे राष्ट्रवादी क्रांतिकारियों के बार-बार टोकने के उपरांत भी गांधी जी अपनी नीतियों से बाज नहीं आये। वह निरंतर मुस्लिम तुष्टिकरण का खेल खेलते रहे। करने के लिए गांधी जी को हिंदुओं के हितों की बलि चढ़ाने की आवश्यकता अनुभव हुई तो उन्होंने हिंदूहितो...
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    24,02 €

  • Bharatiye Itihas Ke Gaurav Chhatrapati Sambhaji Maharaj (भारतीय इतिहास के गौरव छत्रपति संभाजी महाराज)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज मां भारती के सच्चे सपूत थे। उन्होंने अपने पिता छत्रपति शिवाजी महाराज के ’हिंदवी स्वराज्य’ अर्थात भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की सोच को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अपने पिता के इस महान विचार को सिरे चढ़ाने के लिए उन्होंने मुगलविहीन भारत बनाने का संकल्प लिया। यह भारतीय इतिहास का दुर्भाग्य ही है कि जहां प्रचलित इतिहास में हम छत्र...
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    16,57 €

  • Vaidik Dharm Main Gaumata (वैदिक धर्म में गौमाता)
    Rakesh Kumar Arya
    गाय इस सृष्टि चक्र को चलाये रखने के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, उसका अस्तित्व मिटाने का अर्थ होगा मानवता का अस्तित्व मिटाना। इसलिए गाय को किसी सांप्रदायिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता नहीं है।भारत के ऋषियों ने गहन चिंतन के पश्चात गाय की उपयोगिता को समझते हुए गाय को ’माता’ का पूजनीय स्थान दिया था। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही गाय को आज पुनः भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना...
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    15,51 €

  • Ek Krantikari Sangthan Aryasmaj
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    स्वामी दयानंद जी महाराज के आदर्शों को लेकर जब आर्य समाज आगे बढ़ा तो उसे हर क्षेत्र में आशातीत सफलता प्राप्त हुई। इसका कारण यह था कि उसने वेदों के आदर्श को और वेदों की आदर्श सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था को अंगीकार कर लिया था। एक क्रांतिकारी संगठन ने क्रांति पुरुषों का निर्माण किया। क्रांति वीरों की टोलियां सजी और सर्वत्र क्रांति की लहर फैल गई।पुस्तक में जहां आर्य समाज क...
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    14,42 €

  • Bharat ke Mahan Rishi Vegyanik (भारत के महान ऋषि वैज्ञानिक)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    ’भारत के महान ऋषि वैज्ञानिक’ पुस्तक भारत के गौरवशाली, कर्मशील और वैज्ञानिक अतीत पर प्रकाश डालने वाला एक महत्वपूर्ण और शोधपरक ग्रंथ है। भारत के ऋषि वास्तव में उस समय के वैज्ञानिक ही हुआ करते थे जिनका चिंतन पूर्णतया मानवीय होता था। उनकी वैज्ञानिक सोच सारे समाज को साथ लेकर चलने की होती थी और कहीं पर भी किसी भी प्रकार का अन्याय अत्याचार ना होने पाए, इसके लिए वह समाज में सकारात्मक ऊ...
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    15,41 €

  • Desh Ka Vibhajan Aur Savarkar (देश का विभाजन और सावरकर)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    भारत का विभाजन पिछली शताब्दी की सबसे भयंकर घटना है। हम सब भारतवासियों के लिए यह और भी अधिक दुखदायी बात है कि जो मजहब बाहर से चलकर यहां आया उसी के कुछ नेताओं ने भारत विभाजन कर भारत का भू-भाग संप्रदाय के आधार पर छीन लिया। बस, इसी प्रकार के तथ्यों को उद्घाटित करती यह पुस्तक समकालीन इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण शोधपरक दस्तावेज है।’भारत को समझो’ अभियान के अंतर्गत ऐसे शोधपरक और तथ्यपर...
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    14,39 €

  • Mewad ke Maharana Aur Unki Gaurav Gatha (मेवाड़ के महाराणा और उनकी गौरव गाथा)
    Arya Rakesh Kumar
    ’मेवाड़ के महाराणा’ पुस्तक भारत के गौरवशाली इतिहास पर एक महत्वपूर्ण शोध ग्रन्थ है। भारत के गौरवशाली हिंदू इतिहास के वीर योद्धाओं के साथ किस प्रकार खिलवाड़ करते हुए छल - प्रपंच और षड़यंत्रात्मक शैली में उनके पराक्रम, शौर्य और वीरता को छुपाने का प्रयास किया गया है - उस सारे घालमेल का सही ढंग से भंडाफोड़ करने में यह पुस्तक सफल रही है। मेवाड़ के महाराणा इसी प्रकार के द्वेषात्मक घा...
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    24,12 €

  • Satyarth Prakash Me Itihaas Vimarsha (सत्यार्थ प्रकाश में इतिहास विमर्श)
    Dr. Arya Rakesh Kumar
    जब महर्षि दयानंद जी महाराज ’वेदों की ओर लौटो’ का उद्घोष कर रहे थे तो उनके उद्घोष का अभिप्राय अपने स्वर्णिम अतीत की ओर लौटने से था अर्थात अपने स्वर्णिम इतिहास को खोजकर उसे वर्तमान में स्थापित करने का संकल्प दिलाने के लिए हम भारतवासियों को उन्होंने यह नारा दिया था।स्वामी जी महाराज समग्र क्रांति के अग्रदूत थे। भारत में राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक सभी क्षेत्रों में क्रांति...
    Disponible

    20,94 €

  • Hindusthan Mein Hindu ka Astitwa (हिंदुस्थान में हिंदू का अस्तित्व)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    हिंदुस्तान में हिंदू का अस्तित्व निश्चय ही उस समय चिंता और चिंतन का विषय बन जाता है जब हिंदू विरोध की राजनीति, हिंदू विरोध का साहित्य और देश के विद्यालयों में हिंदू विरोध का पाठ्यक्रम देखा जाता है। हमें यह समझ लेना चाहिए कि हिंदुस्तान हिंदुओं की अंतिम शरणस्थली है। यदि इसके लिए यहां भी दमघोंटू परिस्थितियां बनाई जाएंगी तो समझ लीजिए कि यहां से हिंदू को संसार के किसी अन्य देश में ज...
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    12,13 €

  • Bharat Ki Videsh Neeti
    Rakesh Arya Kumar
    डॉ. राकेश कुमार आर्य अपने राष्ट्रवादी चिन्तन के लिए जाने जाते हैं। इस क्षेत्र में साहित्य सृजन करके उन्होंने साहित्यिक जगत में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। उनकी कृति ’भारत की विदेश नीति’ - एकात्म मानववाद पर आधारित भारत की वैश्विक शांति को बढ़ावा देने वाली विदेश नीति को स्पष्ट करने वाला एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इस पुस्तक में लेखक ने भारत के पड़ोसी देशों के बारे में...
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    13,15 €

  • Hindutva Ki Chetna Ke Swar
    Rakesh Arya Kumar
    ’हिंदुत्व की चेतना के स्वर’ - भारत की संस्कार आधारित संस्कृति को स्पष्ट करने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। संस्कारों का निर्माण कर भारत ने अपनी संस्कृति का निर्माण किया है। इन संस्कारों ने व्यष्टि से समष्टि तक एक ऐसी सुन्दर व्यवस्था विकसित की, जिसे विश्व संस्कृति के नाम से भी संबोधित किया जा सकता है। इस व्यवस्था में सर्वत्र सुख-शांति के दर्शन होते हैं।लेखक राकेश कुमार आर्य हिन्...
    Disponible

    13,08 €

  • Jai Bheem - Jai Meem Aur Babasaheb
    Rakesh Arya Kumar
    ’जय भीम-जय मीम और बाबासाहेब’ पुस्तक ऐतिहासिक तथ्यों से भरपूर एक शोधपरक दस्तावेज है, जो भारत के बाहरी-भीतरी राजनीतिक षड्यन्त्रों को कई परतों को खोलती है और हर देशभक्त को झकझोरती है। अपनी अनूठी राष्ट्रवादी लेखन शैली के लिए विख्यात डॉ. राकेश कुमार आर्य भारतवर्ष के उन लब्ध प्रतिष्ठित इतिहासकारों में से एक हैं जिनकी लेखनी के साथ मां भारती की चेतना बोलने लगती है। श्री आर्य ने इस पुस्...
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    12,15 €

  • Geeta mere Geeton main (गीता मेरे गीतों में)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    गीता हमारे लिए एक ऐसा पवित्र ग्रंथ है, जिसमें वेदों और उपनिषदों का रस या सार निकाल कर रख दिया गया है। जीवन की ज्योति बुझने ना पाए और किसी भी ’अर्जुन’ का ’युद्ध’ को देखकर उत्साह ठंडा न पड़ने पाए, इसके लिए ’गीता’ युगों-युगों तक मानव जाति का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखती है। बस, इसी में गीता की सार्थकता, महानता, पवित्रता छिपी हुई है।गीता जीवन का सुमधुर संगीत है, उत्साह भरने वाला ...
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    15,42 €

  • Sanskritik Rashtravad Ke Purodha Bhagwan Shriram
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    श्रीराम हमारे लिए एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जिन्हें हम भारतवासियों ने बहुत समय से भगवान के रूप में माना और समझा है। उनके दिव्याचरण, धर्मानुकूल मर्यादित व्यवहार और चरित्र के दिव्य गुणों के कारण हमने उन्हें इस प्रकार का सम्मान प्रदान किया है। इस पुस्तक में हमने जो सोचा है- उसे कर डालो, शासक का कठोर होना जरूरी,वनवास में भी पुरुषार्थ करते रहो, दिए गये वचन को पूरा करो, जीवन शक्ति का करो...
    Disponible

    15,49 €

  • Rashtranayak Raja Dahir Sen (राष्ट्रनायक राजा दाहिर सेन)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    यह पुस्तक सिंध के राजा दाहिर सेन पर लिखी गई है, जो कि सिंध नामक प्रांत पर सन 712 में उस समय शासन कर रहे थे जिस समय अरब का आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम भारत को लूटने के लिए आया था।पुस्तक के लेखक डॉ. राकेश कुमार आर्य की यह अनूठी शैली है कि वे इतिहास के उन छुपे हुए हीरों को लोगों के सामने लाने का प्रयास करते हैं जिन्होंने किसी समय विशेष पर देश के लिए अपना या तो अनुपम बलिदान दिया थ...
    Disponible

    15,44 €

  • Itihas Par Gandhivad Ki Chaaya (इतिहास पर गांधीवाद की छाया)
    Rakesh Kumar Dr. Arya
    गांधीजी एक व्यक्ति के रूप में और कहीं एक नेता के रूप में भी अनेकों लोगों को स्वीकार्य हो सकते हैं। आपत्ति इस बात पर होती है, जब उन्हें भारतीय स्वाधीनता आंदोलन का एकमात्र नायक सिद्ध किया जाता है और इस सिद्धि के बेतुके प्रयास में उन्हें ’राष्ट्रपिता’ घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने भारतीय इतिहास की परिभाषा को बदलने का उस समय प्रयास किया जब उन्होंने अहिंसा का गलत अर्थ करते हुए निर...
    Disponible

    14,39 €

  • Andhkar Beet Gaya Aur Bharat Jeet Gaya (अंधकार बीत गया और भारत जीत गया )
    Rakesh Kumar Arya
    भारतवर्ष के गौरव की अनूठी झांकी का एक महत्वपूर्ण अभिलेख है - ’भारत के 1235 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास’- (भाग 1,2,3,4,5 व 6) लेखक की यह ग्रंथमाला प्रत्येक देशभक्त को झकझोरती है और एक ही प्रश्न उससे पूछती है कि इतिहास की जिस गौरवमयी परंपरा ने हमें स्वतंत्र कराया उसके इतिहास को आप कब स्वतंत्र कराओगे? - भारत के इतिहास को उसकी अपनी परिभाषा और अपनी भाषा कब प्रदान करोगे?लेखक ...
    Disponible

    23,59 €

  • Angrejon Ka Daman Chakra, Bharat Ka Sudarshan chakra (अंग्रेजों का दमन चक्र भारत का सुदर्शन चक्र)
    Rakesh Kumar Arya
    हिन्दुस्थान के गौरव की अनूठी झांकी का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है- ’भारत के 1235 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास (भाग-4) पुस्तक हर देशभक्त को झकझोरती है और एक ही प्रश्न उससे पूछती है कि इतिहास की जिस गौरवमयी परंपरा ने हमें स्वतंत्र कराया, उस इतिहास को आप कब स्वतंत्र कराओगे? इतिहास को उसकी परिभाषा और उसकी भाषा कब प्रदान करोगे?लेखक राकेश कुमार आर्य हिन्दी दैनिक ’उगता भारत’ के म...
    Disponible

    25,97 €

  • Itni Shakti Humein Dena Data...
    Rakesh Arya Kumar
    अधिकार से पहले कर्तव्य का निर्वाह करना संपूर्ण संसार की अस्त-व्यस्त हुई व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने का अचूक उपाय है। भारत की संस्कृति मानव को अधिकार प्रेमी न बनाकर कर्तव्यपरायण बनाने वाली संस्कृति है। अपनी इसी विशिष्टता के कारण वैदिक संस्कृति संसार के लिए अनुकरणीय रही है। प्रस्तुत पुस्तक ’इतनी शक्ति हमें देना दाता’ के अध्ययन से यह पूर्णतया स्पष्ट और सिद्ध हो जाता है कि हम अ...
    Disponible

    13,11 €

  • Gurjar Vansh Ka Gauravshali Itihaas (गुर्जर वंश का गौरवशाली इतिहास)
    Rakesh Arya Kumar
    भारतवर्ष के गौरव की अनोखी झांकी का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है - ’गुर्जर वंश का गौरवशाली इतिहास’। पुस्तक हर देशभक्त को झकझोरती है और यह स्पष्ट करती है कि भारतवर्ष का पराक्रम और पौरुष पराभव, उस काल में सदैव जीवन्त बना रहा जिसे लोग हमारी पराधीनता का काल कहते हैं। लेखक ने सफलतापूर्वक यह सिद्ध किया है कि अरब के आक्रमणकारियों के आक्रमणों के साथ ही भारतवर्ष में स्वतन्त्रता आन्दोलन आर...
    Disponible

    21,56 €

  • Buland Bharat
    Rakesh Arya Kumar
    वैदिक राज्य व्यवस्था में प्रधानमन्त्री को ’विष्णु’ अर्थात पालन पोषण , वृद्धि और विकास करने वाला कहा गया है । राष्ट्रचेता ऐसा हो , जिसे लोग सहर्ष ’विष्णु’ मानें। भारत में राष्ट्र नायक होने की यह सबसे बड़ी कसौटी है । जो ऐसे दिव्यगुणों से भरा होता है, उसे राष्ट्र की जनता मर्यादा पुरुषोत्तम राम या योगीराज कहकर युगों-युगों तक पूजती है।प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी निःसंदेह हमारे उन राष्...
    Disponible

    20,61 €

  • Pujniye Prabho Hamare (पूजनीय प्रभो हमारे)
    Rakesh Arya Kumar
    अभी तक की अपनी 50 पुस्तकों के लेखक डॉ. राकेश कुमार आर्य का जन्म 17 जुलाई, 1967 को ग्राम महावड़, जनपद गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में एक आर्य समाजी परिवार में हुआ। श्री आर्य के पिता का नाम श्री राजेंद्रसिंह आर्य और माता का नाम श्रीमती सत्यवती आर्या है। विधि व्यवसायी होने के साथ-साथ श्री आर्य एक प्रखर वक्ता भी हैं।श्री आर्य को उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण ...
    Disponible

    17,50 €

  • Ghodo Par Ghode Toot Pade, Talwar Ladi Talwaron Se (घोड़ो पर घोड़े टूट पड़े तलवार लड़ी तलवारों से )
    Rakesh Arya Kumar
    अकबर का राज्य संपूर्ण भारत पर तो छोड़िए आधे भारत पर भी नहीं रहा, पर उसे हिंदुस्तान का सम्राट कहा जाता है। दूसरी ओर भारत के अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य को भुला दिया जाता है, जिसने अपने जीवन में 20 से अधिक युद्धों में विदेशी हमलावरों को पराजित किया था और जिसका दिल्ली ने वास्तविक सम्राट के रूप में स्वागत किया था।कहने का अभिप्राय है कि भारत के शौर्य ने जैसे अब से पूर्व ...
    Disponible

    24,64 €

  • Mahila Sashaktikaran Aur Bharat (महिला सशक्तिकरण और भारत )
    Rakesh Kumar Dr. Arya / Rakesh Kumar DrArya
    चार दर्जन पुस्तकों के लेखक डॉ. राकेश कुमार आर्य का जन्म 17 जुलाई, 1967 को ग्राम महावड़ जनपद गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश में एक आर्य समाजी परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम महाशय राजेंद्र सिंह आर्य और माता का नाम श्रीमती सत्यवती आर्या है। विधि व्यवसायी होने के साथ-साथ श्री आर्य एक प्रखर वक्ता भी हैं।श्री आर्य को उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह द्वारा विश...
    Disponible

    16,68 €

  • Gandhi Aur Savarkar
    Rakesh Arya Kumar
    ...
    Disponible

    16,56 €

  • Chunavi Ghoshna Patra Aur Loktantra
    Rakesh Arya Kumar
    NA ...
    Disponible

    18,56 €