Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
डॉ. राकेश कुमार आर्य अपने राष्ट्रवादी चिन्तन के लिए जाने जाते हैं। इस क्षेत्र में साहित्य सृजन करके उन्होंने साहित्यिक जगत में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। उनकी कृति ’भारत की विदेश नीति’ - एकात्म मानववाद पर आधारित भारत की वैश्विक शांति को बढ़ावा देने वाली विदेश नीति को स्पष्ट करने वाला एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इस पुस्तक में लेखक ने भारत के पड़ोसी देशों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी देकर पुस्तक को बहुत ही उपयोगी बना दिया है।लेखक की यह स्पष्ट मान्यता है कि प्राचीन काल से ही भारत ने वैश्विक नेतृत्व किया है और राजनीति के क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिनसे मानव का आज भी भला हो सकता है। भारत की विदेश नीति की समीक्षा करते हुए डॉ. आर्य द्वारा लिखित यह ग्रंथ समकालीन इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है।डॉ. राकेश कुमार आर्य हिन्दी दैनिक ’उगता भारत’ के मुख्य सम्पादक हैं। 17 जुलाई, 1967 को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद के महावड़ ग्राम में जन्मे लेखक की अब तक 55 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिन पर उन्हें राजस्थान के राज्यपाल रहे कल्याण सिंह जी व भारत सरकार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, संगठनों और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों / शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।लेखक ने भारत की विदेश नीति के महत्त्वपूर्ण अंगों को जिस प्रकार परिभाषित किया है, उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि संयुक्त राष्ट्र को भारत की प्राचीन विदेश नीति को आज के संदर्भ में संसार के सभी देशों को अनिवार्य रूप से उसके अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।