Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
स्वामी दयानंद जी महाराज के आदर्शों को लेकर जब आर्य समाज आगे बढ़ा तो उसे हर क्षेत्र में आशातीत सफलता प्राप्त हुई। इसका कारण यह था कि उसने वेदों के आदर्श को और वेदों की आदर्श सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था को अंगीकार कर लिया था। एक क्रांतिकारी संगठन ने क्रांति पुरुषों का निर्माण किया। क्रांति वीरों की टोलियां सजी और सर्वत्र क्रांति की लहर फैल गई।पुस्तक में जहां आर्य समाज के गौरवशाली अतीत की ओर संकेत किया गया है वहीं कुछ ऐसे छेदों की ओर भी संकेत किया गया है जो आज को बोझिल और भविष्य को चोटिल कर रहे हैं।