Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
जीने के लिए लेखक का पहला उपन्यास है जिसमे जीवन का संघर्ष आपको देखने को मिलेगा यह उपन्यास तब लिखा गया था जब लेखक छपरा जेल में ढाई महीने रहे तभी इस खूबसूरत उपन्यास का सृजन हो पाया राहुल सांस्कृत्यायन की खासियत यह है कि इनकी रचनाएँ असाधारण होती हैं कुछ भी विचार अपने धरातल में रहते हैं राहुल सांकृत्यायन जिनका साहित्य क्रांति की मसाल के समान है इनका साहित्य समकालीन की जरुरत है जहाँ दुनिया इतर-बितर है वही इनका साहित्य दुनिया को बचाए रखने का काम करता है मानव व्यवहार के साथ जीवन दर्शन से सराबोर होती हैं इनकी पुस्तकें। इनकी सभी कृतियों में यायावरी की परछाई देखने को मिल जाएगी लेकिन इस उपन्यास में बिलकुल जमीनी धरातल पर जीवन चलता है भाषा भी इसकी आपको बोझिल नही लगेगी आप तय गति में जीवन का उतर-चढ़ाव देखेंगे। इसमें जीने की सार्थक जमीन आप ढूढ़ लेंगे। आशा करते है यह पुस्तक आपको पसंद आयेगी।