LIBROS DEL AUTOR: ageh swami bharti

6 resultados para LIBROS DEL AUTOR: ageh swami bharti

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  • Ek Osho Shishya Ki Antaryatra (एक ओशो शिष्य की अंतर्यात्रा)
    Ageh Swami Bharti
    कुछ भी लिखने के पूर्व मैं अपने प्यारे गुरु ओशो के कमलवत चरणों में प्रणाम निवेदित करता हूं। क्योंकि आज मैं जो लिखने को प्रेरित हुआ हूं, वह उन पावन चरणों के आशीष से ही ठीक ढंग से पूर्ण हो सकेगा। यह ख्याल लगभग दो माह से मेरा पीछा करता रहा है कि वर्ष 1984 के उन दिनों का जिक्र मित्रों से करूं जब ओशो ने अपने कुछ शिष्यों के सम्बुद्ध होने की घोषणा की थी। मैं इस भाव को टालता रहा कि बात ...
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    16,61 €

  • Meri Rajnishpuram Yatra (मेरी रजनीशपुरम यात्रा)
    Ageh Swami Bharti
    लेखक की रजनीशपुरम यात्रा एक चमत्‍कार थी।चमत्‍कार थी चमत्‍कार माने यही कि जो हर तरह से असंभव हो और संभव हो जाएं हां ,न जाने को पैसा, न कुछ और पहुंच गया। न केवल पहुंचा, वरन ओशो के अतिथि की भांति देर तक रुके रहने का भी सौभाग्‍य मिला। पर यह आधा सत्‍य है। शेष आधा सत्‍य यह है कि जो भी वहां गया या जो वहां कम्‍यूनवासी की भांति रहा, रजनीशपुरम यात्रा ही नहीं, रजनीशपुरम नगर भी चमत्‍कार से...
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    15,49 €

  • Osho Gatha (ओशो गाथा)
    Ageh Swami Bharti
    मुझे लगता है कि अतीत के सभी अवतार और तीर्थकर, पैगम्बर और मसीहे, चाहे कृष्ण हों या महावीर, बुद्ध हों या लाओत्से, क्राइस्ट हों या मोहम्मद सम्मिलित होकर इस बार ओशो के रूप में अवतरित हुए हैं। इसलिए ओशो किसी एक सम्प्रदाय, जाति या राष्ट्र के नहीं, वरन् पहली बार पूरी मनुष्य-जाति के लिए आए हैं।स्वामी अगेह भारती भाग्यवान हैं कि अपनी युवावस्था में ही ओशो के सम्पर्क में आये और खूब ही आये।...
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    17,61 €

  • Vicharon Ke Phool (विचारों के फूल)
    Ageh Swami Bharti
    प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश के ग्राम भुड़हा में 11 मार्च 1934 को जन्म। मां-बाप से नाम मिला शिव प्रताप सिंह। 1958 से स्वतंत्र चिंतन, मनन एवं सम्यक् विचार प्रारंभ। 1966 अक्टूबर में ओशो की तीन प्रमुख पुस्तिकाएं हाथ लगीं। 1966 दिसम्बर में एक रहस्यमय अनुभूति जिससे एक सर्वथा नये जीवन की शुरुआत।स्वामी अगेह भारती 10 फरवरी 1967 को ओशो से ’योगेश भवन’ जबलपुर में प्रथम भेंट। 29 जनवरी 1971 को ओश...
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    14,42 €

  • Osho - Ageh Smriti Granth Khand-1 (ओशो - अगेह स्मृति ग्रंथ खंड-1)
    Ageh Swami Bharti
    प्रस्तुत पुस्तक ओशो अगेह स्मृति ग्रन्थ क्रमशः दो खंडो में है 1और 2 जिसमे चार चार पुस्तक का संग्रह है कितने लोग इन पुस्तकों कों पढ़ कर संन्यास लेने को प्रेरित हो रहे हैं। कितने पूना जा रहे हैं। कितने ध्यान शिवरों में सम्मिलित हो रहे हैं। कितनों ने भाव व्यक्त किया है कि सारे हिन्दुस्तान में हिन्दी में एक भी पुस्तक ओशो पर नहीं थी, वह कमी आपकी इन पुस्तकों से बखूबी पूरी होंगी ।पहला...
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    33,37 €

  • Osho - Ageh Smriti Granth Khand-2 (ओशो - अगेह स्मृति ग्रंथ खंड-2)
    Ageh Swami Bharti
    प्रस्तुत पुस्तक ओशो अगेह स्मृति ग्रन्थ क्रमशः दो खंडो में है 1और 2 जिसमे चार चार पुस्तक का संग्रह है कितने लोग इन पुस्तकों कों पढ़ कर संन्यास लेने को प्रेरित हो रहे हैं। कितने पूना जा रहे हैं। कितने ध्यान शिवरों में सम्मिलित हो रहे हैं। कितनों ने भाव व्यक्त किया है कि सारे हिन्दुस्तान में हिन्दी में एक भी पुस्तक ओशो पर नहीं थी, वह कमी आपकी इन पुस्तकों से बखूबी पूरी होंगी ।पहला...
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    36,59 €