Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
दिल जले है गम से औ, आंसू बहाना मना है,आग घर में लग रही है औ, बुझाना मना है।है जिगर में शोला औ नालः उठाना मना है,चाक पर है चाक औ मरहम लगाना मना है।स्त्री-पुरुष के रिश्तों पर सबसे निराले इस पुस्तक में आत्मकथाकार सरला एक ऐसे स्वर्ग की कल्पना करती है, जहाँ स्त्री-पुरुष की हैसियत में कोई फर्क नहीं है और दोनों बराबर आजादी के साथ जिंदगी जीते हैं।