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किसी समय भारत को सँपेरों का देश कहा जाता था, परन्तु बदलते वक्त ने अब इसे विश्व की दूसरी सबसे बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था बना दिया है। आज इस देश के पास दुनिया भर में अपनी प्रसिद्धि फैला चुके रतन टाटा जैसे कई अनमोल रत्न मौजूद है।रतन टाटा आज विश्व के सर्वोच्च उद्योगपतियों में से एक है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज़ी से बदलती तस्वीर को नया रूप देने में भी अमूल्य योगदान दिया है।आज हर कोई टाटा के नाम से भली-भांति परिचित है। नमक से लेकर भारी-भरकम वाहनों तक का निर्माण करने में टाटा समूह कार्यरत है। आप आज प्रत्येक क्षेत्र में जिसका आपके जीवन से सरोकार है, टाटा की उपस्थिति महसूस करेंगे।रतन टाटा एक ऐसा व्यक्तित्व है जिनके जैसा बनने की कल्पना देश का हर व्यक्ति करता है। वे देश के सबसे गौरवशाली औद्योगिक समूह के चेयरमैन हैं। यहाँ ’टाटा समूह’ की जमशेद जी टाटा से लेकर रतन टाटा तक पहुँचने की यात्रा को बड़े ही सरल ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक रतन टाटा एवं उनके पूर्वजों के जीवन के जाने-अनजाने तथ्यों को पाठकों तक पहुँचाने का सफल प्रयास है।