Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
'प्रीतिहास' के मुख्य पात्र प्रीती जो बिहार आती तो है धार्मिक स्थलों को देखने लेकिन उसे मिले एक अनजाने लड़के और उसके परिवार के माध्यम से एक खूबसूरत जिंदगी का एहसास होता है और वो उन लम्हों को पूरे सुकून के साथ जीती है और इसी बीच उनकी अच्छाईयां और प्रकृति एक दूसरे को करीब ले आती है और वो प्रेम की बारिश में भीग जाते हैं। प्रीतिहास के प्रत्येक पन्ने आपके हृदय पर दस्तक देगी और पाठक उसे महसूस कर पाएँ इसलिए मैंने पात्र की जगह खुद को पेश किया।मेरी पहली किताब तो एक प्रेम कहानी रही लेकिन प्रीतिहास भाग 2 ('गर्व से क्यूँ तक') आप के सोच से बिल्कुल विपरीत होगी और मुझे विश्वास है कि पाठकों के मन को व्यथित कर देने में सक्षम होगी।