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जयप्रकाश नारायण ऐसे अद्वितीय क्रांतिकारी व्यक्तित्व के रूप में जन्में जिन्हें अपने समय का मसीहा कहना जरा भी अतिशयोक्ति नहीं लगता । भ्रष्टाचार और सत्ता की तानाशाही के खिलाफ लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सन् 1974 में संपूर्ण क्रांति का बिगुल बजाया था । क्रांति के उनके इस आह्वान से पूरा बिहार आंदोलित हो उठा था । उन्होंने अपने अनूठे अंदाज से भारतीय समाज को झकझोरा, समाज के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में आई विकृतियों को दूर किया । उसे नई चुनौतियों से जूझने, लड़ने के लिए तैयार किया और विश्व के सामने अपने समाज, देश और संस्कृति की एक स्वाभिमानी एवं गौरवशाली छवि प्रस्तुत की ।