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एक रंगीली लड़की ने जैसा कि आपको लग रहा है। रंगीली अर्थात इस गीत संग्रह में मनोरंजन को ध्यान में रखकर ही गीतों का सृजन किया गया है। मेरा प्रयास है बहुभाषायी फिल्मी गीतों से हटकर अपनी मातृभाषा हिन्दी को गीतों का माध्यम क्यों न बनाया जाये। सामान्य भाषा में लिखा गया हर गीत चाहे वह रोमांटिक है या दुःखद अपनी छाप छोड़ जाता है। मुझे इसका एहसास तब होता है जब देश-विदेश से फेसबुक के 300 से भी अधिक ग्रुप के सदस्यों से मुझे कमेन्ट मिलते हैं। फेसबुक पर जारी सामग्री का विस्तार अवश्य विश्व स्तर का है परन्तु एक पुस्तक एक गीत संग्रह का जो मजा है वह अलग ही होता है। पुस्तक हाथ में आते ही लगता है किसी ने हमारे एहसासों को छुआ। मानों ख़त में किसी का चेहरा दिखायी दिया। मुझे विश्वास है गीतों के माध्यम से जिन एहसासों पर मैंने कार्य किया है वे अवश्य आपके अन्तः मन को छुयेंगे। गीतों की विषय सामग्री तैयार करने में पाठकों के कमेन्ट उनकी पोस्टें बड़ी मददगार होती है। जब कोई विषय नहीं सूझता फेसबुक पर पाठकों के विचार भी गीत की शक्ल ले लेते हैं। ग्लैमरस चेहरे खुद-ब-खुद जहन में रंगीनियाँ ला देते हैं। मेरी अब तक की प्रकाशित पुस्तकों में इस गीत संग्रह पर बहुत बारीकियों के साथ काम किया गया है। फिर भी कहीं कोई त्रुटि नज़र आये तो आप इस नाचीज़ को अवश्य क्षमा करेंगे । कैलाश चन्द्र यादव ’गीतकार’ काशीपुर, जिला - ऊधमसिंहनगर, उत्तराखण्ड