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पुस्तक परिचय आँखें तेरी जानम पैमाने दो गीत संग्रह फिल्म की तरह के गीतों का अद्भुत संग्रह है। मेरे गीतों को सोशल मीडिया पर आपने अवश्य देखा होगा। फेस बुक के 280 से भी अधिक ग्रुपों में मेरे गीत पोस्ट पर रहते हैं I पाठकों के कमेन्ट्स लगातार मुझे मिलते हैं। इन्हीं गीतों को गीत संग्रह के माध्यम से आप तक पहुँचाने का मेरा प्रयास है। इसी श्रंखला में मेरी यह 19वीं पुस्तक गीत संग्रह आपके सामने है। मानव मन की हलचलों को शब्दों उतारना और वह भी गीत के माध्यम से आप तक पहुँचाना बड़ा मुश्किल कार्य है। जिस तरह का गीत-संगीत अब सुनने को मिलता है वह कानों में अधिक देर नहीं टिक पाता। कभी-कभी लगता है हमारी शास्त्रीय संस्कृति के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आधुनिक डिजिटल प्रणाली ने इसमें सेंध लगायी है। तमाम प्रयासों के बाबजूद कलाकार अपनी प्रतिभा जनसामान्य तक लाने में असमर्थ है। कदम-कदम पर ऐसी बाधायें हैं जिन्हें पार करना असम्भव लगता है। मैं भी चाहता था कि मेरे गीत फिल्मों में आयें परन्तु यही बाधायें इर्द-गिर्द मेरा पीछा करती रही हैं। इस गीत संग्रह में मैंने सभी तरह के मनोरंजक व दिल को छू लेने वाले गीतों का सृजन किया है। गीतों को मैं लगातार लिखता रहा हूँ और लिखता रहूँगा। कैलाश चन्द्र यादव ’गीतकार’ काशीपुर जिला ऊधमसिंहनगर उत्तराखण्ड