Dr. Jitender Singh Nagar / Vikas Sharma
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’'ऑल हर फायर्स' समकालीन भारतीय विश्वविद्यालयों की जटिल दुनिया को उजागर करने वाला एक तीखा और विचारोत्तेजक उपन्यास है। यह केवल एक कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा संस्थानों के भीतर पनपती राजनीति, नैतिक दंड, सत्ता-संघर्ष और बदलती युवा चेतना का गहन दस्तावेज है।उपन्यास का केंद्र हैं - प्रोफेसर वीरेन, जो अकादमिक ईमानदारी, विवेक और संस्थागत मूल्यों के प्रतीक हैं। उनके सामने खड़ा है प्रोफेसर इंदर, जो चालाकी, षड्यंत्र और प्रशासनिक जोड़-तोड़ के माध्यम से सत्ता हासिल करने की कोशिश करता है। विश्वविद्यालय का यह संघर्ष केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे शैक्षिक तंत्र की आत्मा का संघर्ष बन जाता है।कहानी में जेन जी का प्रतीक-सान्या आधुनिक, निर्भीक और व्यावहारिक युवती है, जो परंपरागत नैतिकताओं को चुनौती देती है। वहीं दिशा और शिवानी जैसे पात्र जीवन की कठिनाइयों, रिश्तों की जटिलताओं और सामाजिक दबावों के बीच संघर्ष करते दिखाई देते हैं। व्यक्तिगत जीवन की टूटन, विवाह, प्रेम, विश्वासघात और महत्वाकांक्षा-इन सबके बीच पात्र अपने-अपने सत्य और अस्तित्व की तलाश में भटकते हैं।उपन्यास नई शिक्षा नीति और बदलते विश्वविद्यालयी माहौल पर भी तीखी दृष्टि डालता है, जहाँ आदर्शों की जगह धीरे-धीरे बाज़ारवाद, असुरक्षा और सत्ता-राजनीति हावी होती दिखती है।'ऑल हर फायर्स' पाठक से केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सजगता और प्रश्न करने की क्षमता की माँग करता है। यह उन आगों की कहानी कहता है जो कहीं प्रतिरोध में जलती हैं, कहीं महत्वाकांक्षा में, और कहीं षड्यंत्रों की राख के नीचे दबी रहती हैं।