LIBROS DEL AUTOR: 'Bankim Chandra Chattopadhyay

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  • Kamalakanter Daptar
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    Kamalakanta Daptar is a Bengali language Novel by Bankim Chandra Chattopadhyay. It was first published in 1875. ...
    Disponible

    19,98 €

  • Kamalakanta
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    Kamalakanta is a Bengali language Novel by Bankim Chandra Chattopadhyay. It was first published in 1885. ...
    Disponible

    22,47 €

  • Anandmath in Marathi (आनंदमठ)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय हे बंगाली साहित्यातील अग्रगण्य कादंबरीकार आहेत. त्यांच्या लेखणीतून बंगाली साहित्य समृद्ध झालेच आहे; त्याचबरोबर हिंदी साहित्यही उपकृत झाले आहे. त्यांची लोकप्रियता अशी आहे की गेल्या दीडशे वर्षांपासून त्यांच्या कादंबर्या विविध भाषांत अनुवादित होत आहेत आणि त्यांच्या अनेक आवृत्त्या प्रकाशित होत आहेत. त्यांच्या कादंबऱ्यांत स्त्रियांच्या अंतर्वेदनेचे तसेच तिच्य...
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    16,61 €

  • Anandmath in Bengali (আনন্দমঠ)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    বঙ্কিমচন্দ্র চট্টোপাধ্যায় একজন অগ্রণী বাঙালি ঔপন্যাসিক। তাঁর লেখা কেবল বাংলা সাহিত্যকেই সমৃদ্ধ করেনি, হিন্দিকেও উপকৃত করেছে। তাঁর জনপ্রিয়তা এতটাই যে গত ১৫০ বছর ধরে তাঁর উপন্যাসগুলি বিভিন্ন ভাষায় অনূদিত হযেছে এবং সেই গুলির অসংখ্য সংস্করণ প্রকাশিত হয়েছে। তাঁর উপন্যাসগুলি নারীর অন্তর্নিহিত যন্ত্রণা এবং শক্তিকে শক্তিশালীভাবে প্রকাশ করে। তাঁর উপন্যাসগুলি নারীর মর্যাদাকে একটি নতুন পর...
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    12,13 €

  • Anandmath in Gujarati (આનંદમઠ)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    બંકિમચંદ્ર ચટ્ટોપાધ્યાય એક અગ્રણી બંગાળી નવલકથાકાર છે. તેમના લખાણોએ માત્ર બંગાળી સાહિત્યને જ સમૃદ્ધ નથી બનાવ્યું, પરંતુ હિન્દીને પણ પર્યાપ્ત લાભ આપ્યો છે. તેમની લોકપ્રિયતા એટલી છે કે, છેલ્લા ૧૫૦ વર્ષમાં તેમની નવલકથાઓનો વિવિધ ભાષાઓમાં અનુવાદ થયો છે અને તેની અસંખ્ય આવૃત્તિઓ પ્રકાશિત થઈ છે. તેમની નવલકથાઓ સ્ત્રીઓના આંતરિક દુઃખ અને શક્તિને બળકટ રીતે વ્યક્ત કરે છે. તેમની નવલકથાઓએ સ્ત...
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    17,72 €

  • Rajani
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    Rajani is a bengali language Novel by Bankim Chandra Chatterjee. It was first published on 1877. ...
    Disponible

    23,03 €

  • Chandrashekhar
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    मेरे लिए और कोई रास्ता ही नहीं है। तुमको मैं अच्छी तरह समझता हूँ कि इस झगड़े में मीर क़ासिम ने कुछ मुलायम स्वर में कहा, बिलकुल ही मेरी हो। इसलिए तुम्हारे सामने कहता हूँ सल्तनत हाथ से चली जाएगी, हो सकता है कि जान भी चली जाए। तब क्या लड़ाई करनी चाहिए? अँग्रेज़ जैसी हरकतें करते हैं, जैसे कार्य करते हैं, उनसे वे ही बादशाह हैं, मैं बादशाह नहीं हूँ। जिस सल्तनत का मैं सुल्तान नहीं, उस...
    Disponible

    36,10 €

  • Krishnakant ka Vasiyatnama
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    तुम वसंत की कोयल हो ! दिल खोलकर गाओ इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं है; किंतु तुमसे मेरी विशेष प्रार्थना है-समय समझकर गाना। समय-कुसमय हर समय का गाना अच्छा नहीं। देखा, मैंने बहुत खोजकर कलम-दावात इत्यादि का दर्शन पाया, और भी अधिक खोज-खोजकर मन को पाया और कृष्णकांत के वसीयतनामे की कहानी लिखने बैठा। ऐसे समय आकाश से तुमने स्वर भरा - '' कुह ! कुह ! कुह!'' तुम बड़ी सुकंठ हो, इसे मैं स्वीकार...
    Disponible

    35,04 €

  • Krishnakant ka Vasiyatnama
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    तुम वसंत की कोयल हो ! दिल खोलकर गाओ इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं है; किंतु तुमसे मेरी विशेष प्रार्थना है-समय समझकर गाना। समय-कुसमय हर समय का गाना अच्छा नहीं। देखा, मैंने बहुत खोजकर कलम-दावात इत्यादि का दर्शन पाया, और भी अधिक खोज-खोजकर मन को पाया और कृष्णकांत के वसीयतनामे की कहानी लिखने बैठा। ऐसे समय आकाश से तुमने स्वर भरा - '' कुह ! कुह ! कुह!'' तुम बड़ी सुकंठ हो, इसे मैं स्वीकार...
    Disponible

    13,42 €

  • Raj Singh
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    नगर में सबसे गुलज़ार चाँदनी चौक है। वहाँ राजपूत या तुर्क घुड़सवार जगह-जगह पहरा दे रहे हैं। संसार की सब तरह की मूल्यवान चीजें दुकानों में तह-की-तह सजाकर रखी हुई हैं। कहीं कंचनियाँ राह में लोगों की भीड़ जमा कर सारंगी के स्वर पर नाच रही हैं, गा रही हैं। कहीं जादूगर जादू का खेल दिखा रहा है। प्रत्येक के पास सैकड़ों दर्शक घेरकर खड़े तमाशा देख रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ ज्योतिषियों को घे...
    Disponible

    38,20 €

  • Chandrashekhar
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    मेरे लिए और कोई रास्ता ही नहीं है। तुमको मैं अच्छी तरह समझता हूँ कि इस झगड़े में मीर क़ासिम ने कुछ मुलायम स्वर में कहा, बिलकुल ही मेरी हो। इसलिए तुम्हारे सामने कहता हूँ सल्तनत हाथ से चली जाएगी, हो सकता है कि जान भी चली जाए। तब क्या लड़ाई करनी चाहिए? अँग्रेज़ जैसी हरकतें करते हैं, जैसे कार्य करते हैं, उनसे वे ही बादशाह हैं, मैं बादशाह नहीं हूँ। जिस सल्तनत का मैं सुल्तान नहीं, उस...
    Disponible

    14,48 €

  • Raj Singh
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    नगर में सबसे गुलज़ार चाँदनी चौक है। वहाँ राजपूत या तुर्क घुड़सवार जगह-जगह पहरा दे रहे हैं। संसार की सब तरह की मूल्यवान चीजें दुकानों में तह-की-तह सजाकर रखी हुई हैं। कहीं कंचनियाँ राह में लोगों की भीड़ जमा कर सारंगी के स्वर पर नाच रही हैं, गा रही हैं। कहीं जादूगर जादू का खेल दिखा रहा है। प्रत्येक के पास सैकड़ों दर्शक घेरकर खड़े तमाशा देख रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ ज्योतिषियों को घे...
    Disponible

    16,58 €

  • Sitaram
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    सीताराम के एक अध्यापक ब्राह्मण थे, जो पुरोहित के समान थे। वे रेशमी धोती पहनते और रामनामी चादर ओढ़ते थे। केवल एक लंबी चोटी सिर पर थी। केशों के अभाव में चंदन का प्रयोग अधिक करते थे। खूब लंबा-चौड़ा, डील-डौल और आकृति से पूरे ब्राह्मण देवता लगते थे। उनका नाम था-चन्द्रचूड़ तर्कालंकार। वे सीताराम पर बहुत स्नेह रखते थे। जहाँ सीताराम जाकर रहते, चन्द्रचूड़ भी वहीं जाकर रहने लगते। आजकल वे...
    Disponible

    33,91 €

  • Sitaram
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    सीताराम के एक अध्यापक ब्राह्मण थे, जो पुरोहित के समान थे। वे रेशमी धोती पहनते और रामनामी चादर ओढ़ते थे। केवल एक लंबी चोटी सिर पर थी। केशों के अभाव में चंदन का प्रयोग अधिक करते थे। खूब लंबा-चौड़ा, डील-डौल और आकृति से पूरे ब्राह्मण देवता लगते थे। उनका नाम था-चन्द्रचूड़ तर्कालंकार। वे सीताराम पर बहुत स्नेह रखते थे। जहाँ सीताराम जाकर रहते, चन्द्रचूड़ भी वहीं जाकर रहने लगते। आजकल वे...
    Disponible

    13,42 €

  • आनंदमठ
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    आनंदमठ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित एक ऐतिहासिक और देशभक्तिपूर्ण उपन्यास है, जो 18वीं सदी के बंगाल में संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह उपन्यास ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीयों के संघर्ष और देशभक्ति की भावना को प्रकट करता है। 'वंदे मातरम्' जैसे अमर राष्ट्रगीत को जन्म देने वाला यह उपन्यास स्वतंत्रता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति प्रेम की भावना से ओत-प्रोत है।उ...
    Disponible

    7,22 €

  • आनंदमठ
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    आनंदमठ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित एक ऐतिहासिक और देशभक्तिपूर्ण उपन्यास है, जो 18वीं सदी के बंगाल में संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह उपन्यास ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीयों के संघर्ष और देशभक्ति की भावना को प्रकट करता है। 'वंदे मातरम्' जैसे अमर राष्ट्रगीत को जन्म देने वाला यह उपन्यास स्वतंत्रता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति प्रेम की भावना से ओत-प्रोत है।उ...
    Disponible

    14,10 €

  • Greatest Indian Realism and Social Commentary Novels Ever Written
    Bankim Chandra Chattopadhyay / Bankim Chandra Chattopadhyay / Munshi Premchand / Rabindranath Tagore / Sarat Chandra Chattopadhyay
    क्या आप हमेशा से अब तक लिखे गए सर्वश्रेष्ठ भारतीय यथार्थवाद और सामाजिक टिप्पणी उपन्यास पढ़ना चाहते हैं?आगे कोई तलाश नहीं करें। ग्रेपवाइन पब्लिशर्स की अनुभवी संपादकीय टीम ने इस चुने हुए पैक को तैयार किया है। इस प्रतिष्ठित संग्रह में प्रशंसित पुस्तकें शामिल हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और दुनिया को प्रभावित किया है। एक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण संग्रह में कई पुस्तकें रखकर...
    Disponible

    62,96 €

  • Greatest Indian Political and Historical Fiction Ever Written
    Bankim Chandra Chattopadhyay / Bankim Chandra Chattopadhyay / Rabindranath Tagore / Sarat Chandra Chattopadhyay / Sarat Chandra Chattopadhyay
    क्या आप हमेशा से अब तक लिखे गए सर्वश्रेष्ठ भारतीय राजनीतिक और ऐतिहासिक उपन्यास को पढ़ना चाहते हैंआगे कोई तलाश नहीं करें। ग्रेपवाइन पब्लिशर्स की अनुभवी संपादकीय टीम ने इस चुने हुए पैक को तैयार किया है। इस प्रतिष्ठित संग्रह में प्रशंसित पुस्तकें शामिल हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और दुनिया को प्रभावित किया है। एक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण संग्रह में कई पुस्तकें रखकर, आप ए...
    Disponible

    39,78 €

  • Greatest Indian Nationalism Fiction Ever Written
    Bankim Chandra Chattopadhyay / Rabindranath Tagore
    क्या आप हमेशा से अब तक लिखी गई सर्वश्रेष्ठ भारतीय राष्ट्रवाद कथा पढ़ना चाहते हैं?आगे कोई तलाश नहीं करें।ग्रेपवाइन पब्लिशर्स की अनुभवी संपादकीय टीम ने इस चुने हुए पैक को तैयार किया है। इस प्रतिष्ठित संग्रह में प्रशंसित पुस्तकें शामिल हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और दुनिया को प्रभावित किया है। एक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण संग्रह में कई पुस्तकें रखकर, आप एक ही कीमत पर कई प...
    Disponible

    38,75 €

  • Best Works of Bankim Chandra Chattopadhyay
    'Bankim Chandra Chattopadhyay
    क्या आप हमेशा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की सर्वश्रेष्ठ कृतियाँ पढ़ना चाहते हैं?आगे कोई तलाश नहीं करें।ग्रेपवाइन पब्लिशर्स की अनुभवी संपादकीय टीम ने इस चुने हुए पैक को तैयार किया है। इस प्रतिष्ठित संग्रह में प्रशंसित पुस्तकें शामिल हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और दुनिया को प्रभावित किया है। एक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण संग्रह में कई पुस्तकें रखकर, आप एक ही कीमत पर कई पुस्...
    Disponible

    31,45 €

  • Best Works of Bankim Chandra Chattopadhyay
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    क्या आप हमेशा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की सर्वश्रेष्ठ कृतियाँ पढ़ना चाहते हैं?आगे कोई तलाश नहीं करें।ग्रेपवाइन पब्लिशर्स की अनुभवी संपादकीय टीम ने इस चुने हुए पैक को तैयार किया है। इस प्रतिष्ठित संग्रह में प्रशंसित पुस्तकें शामिल हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और दुनिया को प्रभावित किया है। एक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण संग्रह में कई पुस्तकें रखकर, आप एक ही कीमत पर कई पुस्...
    Disponible

    17,82 €

  • Mrinalini (मृणालिनी)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंगला के शीर्षस्थ उपन्यासकार हैं। उनकी लेखनी से बंगाल- साहित्य तो समृद्ध हुआ ही है, हिन्दी भी उपकृत हुई है। उनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि पिछले डेढ़ सौ सालों से उनके उपन्यास विभिन्न भाषाओं में अनूदित हो रहे हैं और कई-कई संस्करण प्रकाशित हो रहे हैं। उनके उपन्यासों में नारी की अंतर्वेदना व उसकी शक्तिमत्ता बेहद प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त हुई है। उनके उप...
    Disponible

    12,13 €

  • Kapaal Kundla (कपाल कुंडला)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंग्ला के शीर्षस्थ उपन्यासकार हैं। उनकी लेखनी से बंगाल-साहित्य तो समृद्ध हुआ ही है, हिन्दी भी उपकृत हुई है। उनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि पिछले डेढ़ सौ सालों से उनके उपन्यास विभिन्न भाषाओं में अनूदित हो रहे हैं और कई-कई संस्करण प्रकाशित हो रहे हैं। उनके उपन्यासों में नारी की अंतर्वेदना व उसकी शक्तिमत्ता बेहद प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त हुई है। उनके उपन...
    Disponible

    13,36 €

  • Sitaram (सीताराम)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंगला के शीर्षस्थ उपन्यासकार हैं। उनकी लेखनी से बंगाल- साहित्य तो समृद्ध हुआ ही है, हिन्दी भी उपकृत हुई है। उनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि पिछले डेढ़ सौ सालों से उनके उपन्यास विभिन्न भाषाओं में अनूदित हो रहे हैं और कई-कई संस्करण प्रकाशित हो रहे हैं। उनके उपन्यासों में नारी की अंतर्वेदना व उसकी शक्तिमत्ता बेहद प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त हुई है। उनके उप...
    Disponible

    13,36 €

  • Rajni (रजनी)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंगला के शीर्षस्थ उपन्यासकार हैं। उनकी लेखनी से बंगाल- साहित्य तो समृद्ध हुआ ही है, हिन्दी भी उपकृत हुई है। उनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि पिछले डेढ़ सौ सालों से उनके उपन्यास विभिन्न भाषाओं में अनूदित हो रहे हैं और कई-कई संस्करण प्रकाशित हो रहे हैं। उनके उपन्यासों में नारी की अंतर्वेदना व उसकी शक्तिमत्ता बेहद प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त हुई है। उनके उ...
    Disponible

    13,31 €

  • Anand Math
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    '1882 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का बांग्ला उपन्यास आनन्द मठ प्रकाशित हुआ। 18वीं सदी के संन्यासी विद्रोह और बंगाल के अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखा यह पाठकों में बहुत लोकप्रिय हुआ। इस बात से घबरा कर कि इससे देशप्रेम और विद्रोह की भावना जागृत होगी, उस समय की अंग्रेज़ सरकार ने आनन्द मठ पर प्रतिबंध लगा दिया जो 1947 में देश के स्वतंत्र होने के बाद हटाया गया। आनन्द मठ आधुनिक भारतीय साहित...
    Disponible

    13,34 €

  • Kapalkundala (Hindi)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    Banking Chandra Chattopadhyay was born in 1838 in an orthodox Bengali family. He was an eminent Bengali novelist and poet. Bankim Chandra has shown the Indian human emotions in simple words. He has elaborated on issues of religion, society, caste and politics, Indian middle class family sees his image in his creations. These were the inspiration for the revolutionaries of India...
    Disponible

    14,56 €

  • Anandmath (Hindi)
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय का जन्म सन् 1838 को एक खुशहाल बंगाली परिवार में हुआ था। वे बांग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि थे। बंकिमचन्द्र ने भारतीय मानवीय भावों को सहज शब्दों में दर्शाया है। धर्म, समाज, जाति एवं राजनीति के मुद्दों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला है, भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार इनकी रचनाओं में अपनी छवि को देखता है। भारतीय स्वतंत्राता संग्राम वेफ क्रांतिकारियों...
    Disponible

    15,67 €

  • Devi Chaudhrani
    Bankim Chandra Chattopadhyay
    बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय का जन्म सन् 1838 को एक खुशहाल बंगाली परिवार में हुआ था। वे बांग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि थे। बंकिमचन्द्र ने भारतीय मानवीय भावों को सहज शब्दों में दर्शाया है। धर्म, समाज, जाति एवं राजनीति के मुद्दों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला है, भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार इनकी रचनाओं में अपनी छवि को देखता है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों क...
    Disponible

    24,70 €