Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
परिचय :रंगमंच पर अभिनय के माध्यम से अपनी बाते लोगो तक पहुंचाने का मेरा लंबा नाता है लगभग पेंतीस वर्ष ,भारत के विभिन शहरों मे नाटकों मे अभिनय ,फिर धारावाहिकों मे, बॉलीवुड वु फिल्म एवं वेबसेरीस आदि मे मुख्मु य भूमिभू का निभाई ,'मेगाससे अवार्ड से सम्मानित वाटरमेन' 'राजेंद्र जी' की जीविनी पर बने धारावाहिक[दूरददू र्शन,ल र्श लित बहल द्वारा निर्देशित ] मे राजेंद्र जी की मुख्मु य भूमिभू का भी निभाई । भीष्म साहनी लिखित 'हानूश' [अर नू विंद विं गौर दावरा निर्देशित,अस्मिता थिएटर ग्रुप ]नाटक सबसे सफल रहा ! नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के कई निर्देशको से सीखा ओर उनके नाटको मे अभिनय किया 'खिलौने काँच के 'राशोमन ' मोक्क डॉक्टर ,कलिगुला जैसेजै से नाटक बहुत पसंद किए ।टीवी चैनल पर चै 'कहानी जुर्मजु र्म की 'स्टार प्लस व 'जासूस सू विजय' [बी बी सी ],जुही जु ,शेरशे शाह शूरी शू , सबसे सफल रहे ! निर्देशन मे भी श्री अरुण कुकरेजा जी साथ कई फिल्मों मे निर्देशन किया, किन्तु मन अप तु नी बाते कह ते ने के लिए मेरी कलम फिर भी बेचैन र चै ही इसलिए लिखना जारी रहा ये सफर समाचार पत्रो से सिनेमा तक जारी है विशेष शे रूप से सामाजिक जागरूकता चाहे वो व्यंग कविता ही क्यों न हो ,कभी नहीं हिचकिचाहट हुई ,अरे अपना परिचय ओर लेखन यात्रा की तो बात ही नहीं की ,सीधा शुरूशु हो गया ,बताता हूँ शुरुशुवात कैसे ओर कब हो गई ! दिल्ली यूनियू वर्सिटी र्सि से मास्टर्स ऑफ़ आर्ट्स एवं जनसंचार व् पत्रकारिता में स्नाकतोत्तर डिप्लोमा [कुरूछेत्र विशवविधालय ]फिल्म ऐपृसी पृ एसन कोर्स [आई आई टी मद्रास ] मे पढ़ाई की ! स्कूल के दौरान ही छोटी कहानियां व् नाटक लिखने का आरम्भ हो चूका चू था ,दसवीं की बोर्ड परीक्षा से पूर्वपू र्व मेरी नाटक टोली, मेरा प्रथम नाटक 'रामू की करामत '[व्यंग एकांकी ] के धमाकेदार प्रदर्शन र्श को दिल्ली ज़