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तेन त्यक्तेन एक लघु उपन्यास है जिसमे लेखिका सुजाता ने दलित शिक्षा को केंद्र में रखा है जिसमे आम जनमानस की बेबसी को दर्शाया है लेखिका ने भाषा सहज रखने के साथ ही कथ्य को भी बहुत संवेदनशीलता से पिरोया है पाठक को बांध लेने की समर्थता नज़र आती है इस उपन्यास में आपको लेखिका की आत्मीयता दिखती है यह सभी पाठको को पढ़ना चाहिए।