Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
अपने अंदर हरक्युलिस को जनम दें ’आप कपड़े क्यों नहीं पहनते?’ लड़के ने पागल फकीर से आश्चर्य में पड़कर सवाल किया| पागल फकीर ने शांत स्वर में जवाब दिया, ’क्योंकि पहले हम कपड़े पहनते हैं, बाद में कपड़े हमें पहन लेते हैं|’पागल फकीर का पहेलीनुमा जवाब लड़के को कुछ समझ में नहीं आया| उसने फकीर से अगला सवाल किया- ’आपकी आँखें लाल क्यों हैं?’ रहस्यमयी मुस्कान के साथ पागल फकीर ने जवाब दिया- ’क्योंकि तुम्हारी आँखों में बाल है|’ फकीर का अतार्किक जवाब लड़के की समझ से बाहर था| फिर भी तीसरा सवाल पूछने की उत्सुकता वह दबा न सका| ’आप इस खंडहर में क्यों रहते हैं?’ पागल फकीर ने हँसते हुए जवाब दिया, ’यह खंडहर नहीं, महल है|’ पागल फकीर के ऊल-जलूल जवाब सुनकर लड़के का सिर चकरा गया| उसे अब पूरा विश्वास हो गया कि हो न हो यह फकीर आधा नहीं पूरा पागल है| फिर भी अंदर ही अंदर उसका दिल फकीर से बार-बार मिलने की गवाही दे रहा था|१२... ’खोज- स्वयं का सामना’ ग्रंथयह पढ़कर कहीं आपका सिर भी तो नहीं चकरा गया? यदि हॉं तो पागल फकीर द्वारा दिए जवाबों पर खोज करें| हरक्युलिस बनें| प्राचीन काल के हरक्युलिस ने अपोलो देवता के आशीर्वाद से अपने बाहुबल के बलबूते, १२ असंभव कार्यों को अंजाम दिया| जब कि आज के हरक्युलिस ने देवी मॉं की बदौलत प्राप्त मानसिक शक्ति के बलबूते, खोज कर ’स्वयं का सामना’ किया| उसने आस-पास के लोगों में भी साहस भरकर अपने जैसे कई हरक्युलिस तैयार किए| आइए, इस पुस्तक को पढ़कर हम भी अपने अंदर हरक्युलिस को जनम दें|सरश्री की शिक्षाएँ हमें स्वयं को आइने में देखने पर मजबूर करती हैंं| हमारे चरित्र को सुदृढ़ बनाने में मदद करती हैं तथा जीवन मूल्यों पर पूनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं|- डॉ. किरन बेदी, मॅगसेसे अवॉर्ड विजेती