Gopal & Bala Shashi Pt. Sharma
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शिव महापुराण हिंदू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों (महापुराणों) में से एक है। यह एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो सर्वोच्च देवता, भगवान शिव, उनके विभिन्न रूपों, कहानियों और शिक्षाओं पर केंद्रित है। यह पाठ भक्तों और विद्वानों के लिए ज्ञान का एक गहरा स्रोत है, जो शैव धर्म (हिंदू धर्म के प्रमुख परंपराओं में से एक है) की गहन जानकारी प्रदान करता है।यह ग्रंथ कई खंडों में विभाजित है जिन्हें संहिता कहा जाता है। ये खंड भगवान शिव की दिव्य लीलाओं, उनके रूपों, पार्वती से उनके विवाह, उनके परिवार, और विध्वंसक तथा सृष्टिकर्ता के रूप में उनकी ब्रह्मांडीय भूमिका का विस्तार से वर्णन करते हैं। इसमें आत्मा, ब्रह्मांड और मुक्ति (मोक्ष) की प्रकृति के बारे में भजन, अनुष्ठान और दार्शनिक चर्चाएं भी शामिल हैं।शिव महापुराण शिव को केवल एक देवता के रूप में नहीं, बल्कि परम वास्तविकता (ब्रह्मांड) के रूप में प्रस्तुत करता है। यह आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए भक्ति और उचित आचरण के महत्व पर प्रकाश डालता है। इसकी कहानियाँ प्रतीकों से भरपूर हैं, जो मनोरंजक कथाओं के माध्यम से नैतिक और आध्यात्मिक सबक सिखाती हैं। भगवान शिव और शैव धर्म के दार्शनिक आधार को समझने में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, यह महापुराण एक आवश्यक पाठ है।