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भारत के गांव गांव में, वहाँ की स्थानीय भाषा में लोक गीत गाए जाते हैं। उन लोकगीतों में छिपा होता है उनका हजारों साल पुराना इतिहास, उनकी संस्कृति, उनकी सभ्यता। भारत की समृद्धि के कारण ही विदेशी आक्रांताओं ने कई कई बार हमले किए। हर बार हमारी बौद्धिक विरासतों को तहस नहस किया गया। प्राचीनकाल में भारत में कई विश्वविद्यालय हुआ करते थे, जो नष्ट कर दिए गए। यथा; नालंदा यूनिवर्सिटी, तक्षशिला विश्वविद्यालय, विक्रमशीला विश्वविद्यालय, वल्लभी विश्वविद्यालय, उदांत पुरी विश्वविद्यालय, जगद्दल महाविहार, पुष्पगिरी विश्वविद्यालय, सोमपुरा विश्वविद्यालय इत्यादि। इसके बावजूद ना हमारा इतिहास नष्ट हो सका, ना हमारी हमारी संस्कृति नष्ट हुई, ना ही हमारी सभ्यता। क्योंकि हमारी पुरातन संस्कृति एवं सभ्यता गांवो के लोकगीतों में समाहित है। ये लोक गीत-नृत्य अपने आप में इतिहास को समेटे हुए हैं और हमारी संस्कृति के वाहक हैं। इस सांस्कृतिक धरोहर को हम तक पहुँचाते हैं जनजातीय लोग, देश के कोने कोने में फैला आदिवासी समुदाय, 'ट्राइबल्स'।