Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
मोमिन ख़ाँ मोमिन उर्दू के प्रसिद्ध शायरों में से एक थे, जिनका जन्म 1800 में दिल्ली में हुआ था। वे अपने नाज़ुक एहसास, गहरे जज़्बात और रूमानी शायरी के लिए जाने जाते हैं। उनकी शायरी में प्रेम, विरह, आत्मा की बेचैनी और सौंदर्य का अत्यंत सुंदर चित्रण मिलता है। मोमिन का अंदाज़-ए-बयान सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावशाली था, जो सीधे दिल को छू जाता था।उनकी ग़ज़लों में लफ़्ज़ों की मिठास और भावों की गहराई एक साथ देखने को मिलती है। उन्होंने फारसी, हिकमत (चिकित्सा), और ज्योतिष में भी ज्ञान प्राप्त किया था। ग़ालिब जैसे महान शायर भी मोमिन की कुछ ग़ज़लों से इतने प्रभावित थे कि एक शेर के बदले अपनी पूरी दीवान देने को तैयार हो गए थे। मोमिन का निधन 1851 में हुआ, लेकिन उनकी शायरी आज भी उर्दू साहित्य में जीवित है।