Ashwani Kumar Ojha / Dr. Ashwani Kumar Ojha
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समकालीन कविता ने हिंदी साहित्य को नई दृष्टि, संवेदना और अभिव्यक्ति प्रदान की है। काव्य के प्रति मेरी रुचि ने इस शोध-कार्य को प्रेरित किया। यह ग्रंथ मेरे दो शोध-प्रबंधों-'समकालीन कविता: वस्तु और शिल्प (1981-1990)' तथा 'समकालीन कविता: संवेदना और शिल्प (1980-2000)'-का परिणाम है।प्रथम अध्ययन में नरेश मेहता, लीलाधर जगूड़ी, अशोक वाजपेयी और केदारनाथ सिंह की कविताओं के वस्तु एवं शिल्प का विश्लेषण किया गया। दूसरे शोध में 1980-2000 के बीच की समकालीन कविता की संवेदना और शिल्पगत विशेषताओं का अध्ययन किया गया, जिसमें चंद्रकांत देवताले, राजेश जोशी, अरुण कमल, मंगलेश डबराल, कुमार अंबुज और कैलाश वाजपेयी आदि कवियों की रचनाओं को आधार बनाया गया।मैं अपनी निर्देशिका डॉ. पी. माणिक्यांबा जी के मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही अपनी पत्नी पिंकी शर्मा तथा पुत्र श्रीराम ओझा के सहयोग के लिए भी कृतज्ञ हूँ।यह ग्रंथ उसी शोध का संक्षिप्त एवं संशोधित रूप है। सभी सहयोगियों के प्रति मैं आभार प्रकट करता हूँ।--डॉ. अश्विनी कुमार ओझा