Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
*इस महाकाव्य का कथानक कश्मीर के जन्म की कथा से वर्तमान तक फैला है, * जिसे स्थानीय आख्यान, विभिन्न महात्म्यों, लोककथाओं, स्थापत्य, लोक स्मृति, प्रामाणिक इतिहास, विदेशी यात्रियों के वृतांतों ने एक विलक्षण गहराई दी है। पुस्तक के फ्लैप में ठीक लिखा है कि आठ कथा-पर्वों में नियोजित यह काव्य एक तरह से सभ्यता- समीक्षा का महाआख्यान है जो लोगों की मुक्तिकामी चेतना से अनुप्राणित है। हर कथा-पर्व में एक भिन्न आख्यान अथवा ऐतिहासिक प्रसंग है जो एक शाश्वत द्&