Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
मुनव्वरनामा, इस सदी के सबसे मसहूर शायरों मैं से एक मुनव्वर राना जी की चुनिंदा रचनाओं का संकलन है. राना साहब की कामयाबी का राज़ ये है कि वे ज़ज़्बात को बोलचाल की ज़बान में बड़ी सादगी और ख़ूबसूरती के साथ ग़ज़ल बना देते हैं. उनके कलाम में बनावट नहीं है. इस संकलन में भी हमें उनकी सीरत में बसी मिटटी की ख़ुशबू का एहसास होता है, उनके गांव और कस्बात की यादें भी झलकती हैं.राना अपनी शायरी में हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब की नुमाइंदगी करते हैं. संवेदना और विचार के बीच आश्चर्यजनक संतुलन स्थापित कर जब वे अपनी रचनाएँ हमारे आगे परोसते हैं तो जैसे आम आदमी के सभी विचारों को ज़ुबान मिल जाती है.