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गोपाल खेताणी (इंजीनियर, दिल्ही - B.E. Production Gold Medal) 'मेरा भारत महान' - वीर सपूतों की गाथा जो इतिहास में कहीं खो गए। लेखक की ये प्रथम हिंदी पुस्तक है। इस के पहले गत वर्ष लेखक की लघुनवल 'नवोदय' गुजराती भाषा में नेक्षस पब्लीकेशन द्वारा प्रकाशित हुई थी। गुजराती माइक्रोफिक्शन के जनक 'सर्जन' ग्रुप की तिनो पुस्तक में लेखक की रचनाएं शामिल है। सकारात्मक और नई सोच का लेखक अभिवादन करते है। लेखक को क्रांतिकारीयों की गाथा, ऐतिहासिक फिक्शन, सायन्स फिक्शन विषय में ज्यादा रूचि है। लेखन और वाचन के अलावा लेखक अपनी You Tube Channel पर Authors Corner Show में साहित्यकार के साथ संक्षिप्त एवम रसप्रद साक्षात्कार करते है। लेखक की रचनाओं को विविध प्रतियोगिता में इनाम मिला है। उनकी रचनाएं अखबार एवम मैगजीन में प्रकाशित भी हुई है। 'मेरा भारत महान' - वीर सपूतों की गाथा जो इतिहास में कहीं खो गए। ये पुस्तक उन क्रांतिकारीओं की जीवनी का संकलन है, जिन को जो मान, सम्मान और सब से ज्यादा तो प्रसिद्धि मिलनी चाहिए थी वो नहीं मिली। जब भी क्रांतिकारी या स्वातंत्र्य सेनानीओं की बात आती है तो हम बस वो ८ - १० लोगो से आगे नहीं बढ़ पाते। इस संकलन के पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य है की बच्चों एवम बडों को उन क्रांतिकारीओं के बारे में भी पता चले जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। उन सभी का योगदान उतना ही महत्वपूर्ण था जितना बाकी प्रसिद्ध क्रांतिकारी एवम सेनानीओं का। आओ; हम इन गुमनाम क्रांतिकारीओं को वो प्रसिद्धि दिलाए जिनके वो हकदार है। आप सभी ये पुस्तक पढ़े एवम अन्य देश प्रेमीओ को ये पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करें।