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मानव जाति, न जाने कब से, इस प्रश्न का जवाब जानने की कोशिश करती रही है। लगभग सभी धर्मग्रंथों में लिखा है कि पुराने समय में अमुक देवता ने मनुष्यों को पैदा किया था। आज वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया है कि पृथ्वी पर मनुष्य और दूसरे जीव कब और कैसे उत्पन्न हुए थे, इनको किसी देवता ने पैदा नहीं किया था। इसके विपरीत, मनुष्यों के दिमाग ने देवताओं को पैदा किया था। वैज्ञानिक जानते हैं कि मनुष्यों ने देवताओं को क्यों, कब और कैसे बनाया था?
पुराने समय में मानव ने अपने रहस्यों, डरों और परेशानियों के पीछे अदृश्य शक्तियों को मान लिया। मनुष्यों की क्या मजबूरियों थीं कि उन्हें अपने से ज्यादा शक्तिशाली ताकत की कल्पना करनी पड़ती थी। उनके सामने हाथ फैलाना पड़ता था? लोगों को पूजा करने के तरीके कौन बताता था? दुनिया में धर्म कब, क्यों और कैसे शुरू हुए ? यह पुस्तक इन प्रश्नों का वैज्ञानिक उत्तर देने का एक प्रयास है।
क्या कभी आपने सोचा है कि दुनिया भर में वैज्ञानिक सिद्धान्त तो एक हैं लेकिन धार्मिक सिद्धान्त अनेक हैं। उदाहरण के लिए, एक धर्म के लोग जानवरों की बलि चढ़ा कर अपने ईश्वर को खुश करते हैं। दूसरे धर्म के लोग जानवरों की सेवा करके अपने ईश्वर को खुश करते हैं। दुनिया में अनेक धर्म और केवल एक विज्ञान होने का ठोस कारण है: एक विचार, तकनीक या चीज के बारे में सत्य एक होता है, लेकिन झूठ अनेक हो सकते हैं। यह पुस्तक, इंसानी दिमाग के सबसे अंधेरे हिस्से में दीया जलाने की कोशिश है।