Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
भारत के चौतरफा विकास की गाथा लिखने के क्रम में आधी आबादी के योगदान को कतई नकारा नहीं जा सकता। देश में महिला सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय नीति (2001) बनाए जाने के बाद उनके कदम सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में सुदृढ़ संकल्प के साथ उठे जरूर, लेकिन उन्हें बीते एक दशक में जो कुछ हासिल हुआ वह केंद्र और राज्य सरकारों से मिली हर स्तर की नीतिगत कार्य योजनाएं, निर्धारित लक्ष्य, उद्देश्य, सुरक्षा, सुविधाएं, सहूलियतें और विशेष सम्मान की बदौलत ही संभव हो पाया। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा संचालित कार्य-नीति से हर वर्ग की महिलाओं को मिलने वाला लाभबेमिसाल साबित हुआ, जिससे उनका न केवल जीवन स्तर और रहन-सहन में व्यापक सुधार आया, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक दायित्व के प्रति उनका नजरिया ही बदल गया और खुद को बेहतर बनाने से लेकर हर क्षेत्र में ऊंची उड़ान भरने तक की अनगिनत मिसालें बनाती चली गई... उनमें जिस तरह आत्मसम्मान के साथ आत्मविश्वास की भावना भर गई है, वह भारत में महिला सशक्तिकरण की पुष्टि करता है...