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महाभारत के योद्धा में भारतीय मिथकों के सुपरिचित विशेषज्ञ देवदत्त पट्टनायक ने ’महाभारत’ को एक बिल्कुल नई प्रस्तुति दी है। ’महाभारत’ एक विशाल महाकाव्य है जो प्राचीन काल से हमारे देश के कोने-कोने में आज तक लोकप्रिय है। मूल कथा है पाँच पांडव और सौ कौरवों के बीच अलग-अलग समय पर हुए टकरावों की, जो आखिर में अठारह दिन के निर्णायक युद्ध से समाप्त होता है। पांडव और कौरवों के बीच यह युद्ध धर्म और अधर्म, सही और गलत, न्याय और अन्याय के मुद्दों को लेकर हुआ था। ’महाभारत’ की लम्बी गाथा को लेखक ने सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है और उनके द्वारा बनाये हुए चित्र पुस्तक के आकर्षण को बढ़ाते हैं।पौराणिक कहानियों, मिथकों, संस्कारों और रीति-रिवाज़ों का आधुनिक ज़िन्दगी में महत्त्व के विषय पर देवदत्त पट्टनायक 1996 से लगातार लिखते आ रहे हैं और अब तक उनकी 50 पुस्तकें और 1000 से अधिक स्तम्भ प्रकाशित हो चुके हैं। वे कई टीवी चैनल और कम्पनियों के लिए लीडरशिप और शासन-विधि के क्षेत्र में सलाहकार के रूप में काम करते हैं। ’देवलोक’ और ’बिज़नेस सूत्र’ उनके लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम हैं। शिव के सात रहस्य, विष्णु के सात रहस्य, देवी के सात रहस्य, भारतीय पौराणिक कथाएँ, भारत में देवी, पशु, सीता के पाँच निर्णय, शिव से शंकर और ओलिम्पस उनकी अन्य बहुचर्चित पुस्तकें हैं। लेखक के बारे में पर आप और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।