Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
निबन्ध संग्रह ’हिन्दी भाषा और साहित्य’ बहुआयामी सर्जक-कवि गीतकार, छन्दकार, दोहाकार, कहानीकार, उपन्यासकार एवं निबन्धकार के रूप में स्थापित श्री त्रिवेणी प्रसाद दूबे ’मनीष’ जी की रचनाधर्मी-यात्रा का उल्लेखनीय अभिनव सोपान है। हिंदी भाषा की प्रतिष्ठा, उन्नयन एवं सर्वजन हिताय साहित्य-सृजन के प्रति समर्पित दूबे जी की इस कृति में हिंदी भाषा और साहित्य के विभिन्न पक्षों से संबंधित दस निबंध संगृहीत हैं| भाषा मानव के लिए अमूल्य धरोहर है और इसके मूल में मानव की सर्जनात्मक शक्ति भी है| किसी भी भाषा की वास्तविक पहचान उसके वैविध्यपूर्ण प्रयोग की स्तरीयता एवं साहित्य से होती है जो उसे सरस, कलात्मक, सीमातीत और कालजयी बनाता है|दूबे जी का हिंदी भाषा पर पूर्ण अधिकार है परिणामतः सभी निबंधों में विषयानुसार, संदर्भानुसार बोधगम्य, प्रांजल, संप्रेषणीय भाषा एवं प्रवाहपूर्ण शैली का प्रयोग दृष्टिगत होता है| वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों एवं साहित्य पर केंद्रित ऐसे ही निबंध संग्रह की परम आवश्यकता है| नवोदित रचनाकारों, अध्येताओं के लिए हिंदी भाषा के बहुआयामी प्रयोग की समुचित जानकारी साहित्य-सृजन के संदर्भ में उपयोगी है|प्रोफेसर(डाॅ.)उषा सिन्हाभूतपूर्व अध्यक्ष भाषाविज्ञान विभाग,लखनऊ विश्वविद्यालय