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ग़्ज़ल सम्राट जगजीत सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आज हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस ग़्ाज़ल गायक का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। ग़्ाज़ल गायिकी को हर खास-ओ-आम तक पहुंचाने का श्रेय जगजीत सिंह को ही है। उनसे पहले ग़्ाज़ल गायिकी केवल महलों और महफिलों में सिमटी हुई थी जिन पर उर्दू और फारसी जुबान के जानकार लोगों का अधिकार था। जगजीत सिंह ने शेर-ओ-शायरी को अपनी आवाज दी तो यह उनके होठों को छूकर अमर हो गयी। उनके कलामों में आम आदमी का दुःख-दर्द है तो हंसी-खुशी भी शामिल है। इश्क और मोहब्बत करने वालों के लिए तो इस कलाकार ने पूरा दिल ही खोल कर रख दिया। उन्होंने एक दर्जन से अधिक फिल्मों में ग़्ाज़ल गायी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं को भी आवाज़ देकर यादगार बना दिया। आज भले ही जगजीत सिंह हमारे बीच नहीं रहे पर उनके गाये गीत और ग़्ाज़ल हम हमेशा गुनगुनाते रहेंगे। पेश है ग़्ाज़ल सम्राट जगजीत सिंह की चुनिंदा रचनाएं जिसे आप जरूर सहेज कर रखना चाहेंगे!