H.L. Maheshwari / H.LMaheshwari
Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
’दुष्कर्म - कैसे लगे लगाम? पुस्तक में दुष्कर्म से संबंधित या जुड़े प्रत्येक पहलू पर विचार किया गया है। इसमें दुष्कर्म के मूल कारण खोजने, पीड़ितों की मनोदशा जानने, दुष्कर्म के दण्ड के लिए कानूनी प्रावधानों, दुष्कर्म के बारे में राजनेताओं, न्यायाधीशों और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के विचार एवं कथन के साथ ही इस गंभीर समस्या पर लगाम लगाने के लिए कार्यरूप में परिणित किए जा सकने वाले व्यावहारिक सुझाव दिए गये हैं। मेरा पूरा विश्वास है कि पुस्तक ’दुष्कर्म - कैसे लगे लगाम?’ देश में दुष्कर्म की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए एक उपयोगी और कारगर औजार बन सकेगी। पुस्तक लिखने में मेरी जीवनसंगिनी श्रीमती लक्ष्मी माहेश्वरी, पुत्र डॉ. पंकज एवं पुत्र वधू डॉ. श्रद्धा माहेश्वरी, पुत्री डॉ. सपना माहेश्वरी (यू.के.) द्वारा दिये गये सहयोग एवं प्रेरणा के प्रति उनका आभारी हूँ। आभारी हूँ मैं उन सभी समाचार पत्र-पत्रिकाओं का जिनसे मिली जानकारी पुस्तक लिखने में सहायक रही है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिव चौरसिया से मिले मार्गदर्शन के लिए मैं उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यत्तफ़ करता हूँ।