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दिल्ली में स्थित रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों और गंगाराम बॉयज हॉस्टल के लड़कों में जमीन-आसमान का अंतर है ! रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन उर्फ़ मैडम हिटलर को गंगाराम बॉयज हॉस्टल के लड़के कतई पसंद नहीं। इस कारण एक ही शहर में सरहदें काबिज़ होना लाज़मी था। फिर भी बॉयज हॉस्टल के लड़कों ने रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल का किला भेदने में कोई कसर न रखी। इश्क़ की खातिर वे जुगनुओं की तरह रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल के इर्द -गिर्द मंडराते रहते। इस मैदान-ए-जंग में सुन्दर जैसे कई लड़के शहीद हुए और ना जाने कितने कॉलेज से ससपेंड हुए। इश्क़ के मैदान में दीपक और चकोर की प्रेम कहानी भी अधूरी सी ही लगती थी ! मंटू जैसे हीरो ने दोनों के इश्क़ की बाज़ी फतह होने में कोई कसर ना रखी। आज दीपक और चकोर की शादी में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। बारात गंगाराम बॉयज हॉस्टल से रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल तक १४ फरवरी को प्रस्थान करेगी। स्वयं हिटलर मैडम चकोर का कन्यादान करने आएँगी। सरहदों की जमी बर्फ भी पिघलती है गर इश्क़ पाकीज़ा हो। मैडम हिटलर जैसे सख्त दिल भी पसीजते हैं गर इश्क़ बेपनाह हो। पढ़िए , मंटू का मास्टर प्लान कैसे दीपक और चकोर की प्रेम कहानी को पूरा करेगा। क्या गुरुदेव के एक्सपर्ट कमैंट्स कुछ काम आयेंगे ? कैसे दोनों हॉस्टल के बीच दिलों की सरहदें पिघलेगी? दीपक और चकोर की प्रेम कहानी आपको हर सवाल का जवाब देगी कि इश्क़ की राह मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं !