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चार चवन्नी की लेखिका संतोष कुंअर जी अपने पति और सुप्रसिद्ध कवि कुंवर बेचैन को यह पुस्तक समर्पित करती हैं जिसमे बच्चो के लिए के सुंदर बाल गीत हैं जो बच्चो को भाएँगी इसी पुस्तक से एक गीत यह है-:
डाल-डाल पर बोली बुलबुल
डाल-डाल पर झूली बुलबुल
बच्चों तुम बागों में जाकर
बुलबुल का गाना सुन आओ
जाल डालकर बुलबुल को तुम
कभी पकड़कर मत लाओ
पिंजरे में घबराती बुलबुल
बाहर गीत सुनाती बुलबुल