Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
'''भारतीय ठगहारों की कहानी'' ठगी मुक्त समाज व राष्ट्र पर आधारित विचारधारा है। यह पुस्तक समाज में व्याप्त ठगी का दर्पण है जो माध्यम है सर्वसाधारण लोगों को ठगी व घोटालों के अप्रिय कृत से अवगत कराने का जिससे ठगी को नियंत्रित किया जा सके इसके साथ ही मुझे यह विश्वास है, यह पुस्तक ठगी व घोटालों को नियंत्रित करने में एक अहम भूमिका निभाएगी इसका सबसे बड़ा कारण यह है लोग इस पुस्तक को पढ़ने के उपरांत उन कारणों को जान सकेंगे जिनसे भोले-भाले लोग ठगी का शिकार होते हैं। इस पुस्तक को मुख्यतः तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है जो बदलते समय के साथ ठगी में हो रहे परिवर्तन को क्रमवार दर्शाता है जिसमें यह भी स्पष्ट है ठगी के जन्म के समय वह किस स्थिति में थी और अब वर्तमान में वह कितना व्यापक रूप ले चुकी है। इन्हीं बातों को आपके समझ रखने, ठगी व घोटाला रोकने , ठगहारों/ घोटालेबाजों का जीवंत चित्रण करने के लिए यह पुस्तक ''भारतीय ठगहारों की कहानी'' लिखी गई है जिसका उद्देश्य किसी की मानहानि करना बिल्कुल नहीं है यद्यपि आपको आनंदपूर्ण तरीके से ठगी से परिचित कराना है। स्वतः सतर्क रहना ही ठगी से बचने का सबसे बड़ा मूलमंत्र है'