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पंडित अयोध्यानाथ का देहान्त हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी को ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की थी। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की कुंवारी थी। सम्पत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शक तो हुआ लेकिन जवान बेटों को देखकर उसे ढांढ़स हुआ। चारों लड़के एक से एक सुशील और बहुएं आज्ञाकारी। अयोध्यानाथ की मृत्यु के बाद चारों बेटों ने रंग दिखाना शुरू किया।