Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
आज़ादी क्या है? मुक्ति क्या, क्यों, किस-किस से और कैसे! प्रो. लालबहादुर वर्मा ने अपनी इस अनंतिम किताब में अपनी अध्ययन और अध्ययन सम्पन्न दृष्टि से इन सवालों की दार्शनिक और समयानुकूल पड़ताल की है। सिर्फ़ राजनीतिक आज़ादी से आगे मनुष्य के रोज़-ब-रोज़ के निजी जीवन में मुक्ति के सवालों की संघर्ष-गाथा गरीबी और भूख से मुक्ति के आगे भय और मृत्यु तक से मुक्ति के सवालों तक जाती है और एक सच्चे सुख की तलाश की राह दिखाती है।इतिहास के शिक्षक और आजीवन सामाजिक कार्यकर्ता। 10 जनवरी 1938 को गोरखपुर में जन्म। इतिहास की उच्च शिक्षा, फ्रांस में प्रतिष्ठित इतिहासकार रेमो आरों के साथ शोधकार्य। गोरखपुर, इलाहाबाद, और इम्फाल में अध्ययन। सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों में आजीवन सक्रियता। संपादक रहे, विपुल लेखन किया, अनुवाद किए, रंगमंच पर सक्रिय रहे, अद्भुत वक्ता और जन-इतिहासकार। यूरोप का इतिहास, विश्व इतिहास की झलक, इतिहास: क्यों-क्या-कैसे, अधूरी क्रांतियों का इतिहास बोध, क्रांतियाँ तो होंगी ही, इतिहास के बारे में, कांग्रेस के सौ साल, अपने को गंभीरता से लें, भारत की जनकथा, मानव मुक्तिकथा सहित अनेक किताबें। 19 मई 2021 को कोविड से निधन।