Satish Chandra Joshi / Ved Prakash Arya
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क्या 'मैं कौन हूँ?' इस प्रश्न का उत्तर हजारों वर्षों से उपनिषदों में हमारा इंतज़ार कर रहा है?उपनिषद् के मनके - मैं कौन हूँ? सभी 108 उपनिषदों के कालातीत ज्ञान को सरल, सुव्यवस्थित और पाठक-अनुकूल रूप में प्रस्तुत करती है। विस्तृत संस्कृत ग्रंथों का अध्ययन किए बिना, पाठक इस पुस्तक के माध्यम से उपनिषदों की मूल शिक्षाओं और आध्यात्मिक सार को सहज रूप से समझ सकते हैं।इस पुस्तक में पाठकों को मिलेगा:सभी 108 उपनिषदों का सरल एवं संक्षिप्त सारआत्मा (आत्मन्), ब्रह्म और आत्मबोध की मूल शिक्षाएँआधुनिक जीवन के लिए उपयोगी आध्यात्मिक मार्गदर्शनउपनिषदों का वर्गीकरण, महत्व और दार्शनिक दृष्टिकोणमहावाक्यों एवं महत्वपूर्ण संस्कृत श्लोकों का सरल विवेचनध्यान, कर्म, ज्ञान, भक्ति और मोक्ष पर व्यावहारिक समझसरल भाषा, जो शुरुआती पाठकों से लेकर गंभीर आध्यात्मिक साधकों तक सभी के लिए उपयुक्त हैचाहे आप वेदांत के अध्ययन की शुरुआत कर रहे हों या भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के सार को संक्षेप में समझना चाहते हों, यह पुस्तक सनातन दर्शन के गहन ज्ञान तक पहुँचने का एक सुलभ और प्रेरणादायक माध्यम है।