Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
नाटक कानपुर का कालिया लिखने के पीछे जो सबसे बड़ी वजह रही वो यही रही की कैसे कानपुर की आम भाषा को लोगो के बीच पहुंचाया जाए |हलाकि नाटक में कुछ शब्द ऐसे भी है ,जो आम भाषा में इतना इस्तेमाल नहीं होते | पर वो खासा इस्तेमाल युवा जनो में जरूर होते है | क्यूंकि नाटक की पटकथा में युवा हीरो है और युवाओ की प्रेम सम्बन्धी समस्याओ को दर्शाया गया है,इसलिए नाटक में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है | अक्सर ऐसी बातें खबरों के माध्यम से सुनने में आ जाती थी, की किसी युवा ने आत्महत्या कर ली क्यूंकि उसकी प्रेमिका न उसे छोड़ दिया युवा जनो में बढ़ते इस निराशा से और उस निराशा से फँसी तक का सफर मुझे बहुत आहत करता था, मुद्दा संवेदनशील था पर मन में प्रश्न ये था की इस मुद्दे को कुछ इस तरह से दिखाया जाए की जनता को बात समझ में भी आ जाए और मनोरजन भी होता रहे | बस उसी की तलाश में कानपुर का कालिया का निर्माण हुआ |