Librería Samer Atenea
Kálamo Books
Librería Elías (Asturias)
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
सीमित से असीमित की ओर' शीर्षक इस पुस्तक का यह दर्शाता है कि हर एक कविता कैसे हर एक परिस्थिति को हर एक दिशा से देखने की कोशिश करती है | कैसे हर एक कविता सोचने पर मजबूर करती है और दिखाती है की बुद्धि को सीमा मे रखकर कभी - कभी हम चीजो का एक अपना नज़रिया बना लेते है जिसके कारण से हम चीज़ो की, लोगो की और संसार की भिन्नताओं को ख़ूबसूरती के रूप मे ना देखकर हीन भावना से देखने लगते है | ये सारी कविताये प्रेरित है जिंदगी के अनुभवों और आध्यात्मिकता के निष्पक्ष नज़रिये के संगम के मेल से तो कभी ये गहराई मे ले जाएगी तो कभी बेहद सोचने पर मजबूर करदेगी | ये पुस्तक मे कविताये आपके दिल और दिमाग़ पर एक गहरा प्रभाव छोड़ेगी |