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रेखा मेहरा को लिखने पढ़ने का शौक़ बचपन से था। ख़ाली समय में विचारों को डायरी मेंलिखना शुरु किया, परिवार, मित्रों ने प्रोत्साहित किया, सन २०२१ में पहला काव्य संग्रहज़िन्दगी तेरी घूप छाँव प्रकाशित हुआ । सावन ऋतु कितनी बूँदें मेरा दूसरा काव्य संग्रह है लगता है इस सावन आकाश से, केवल बूँदें नही, कहानियाँ भी बरसी। सावन ऋतु कितनी बूँदें में २१ कविताएँ है। कुछ माँ पिताजी की यादों से जुड़ी। कुछ बरसात में भीगी, बदलते मौसम और ज़िंदगी के उतार चढ़ाव, लिएकविता ख़ुद ब खुद चली आती है। उसे बुलाना नहीं पड़ता।