Librería Samer Atenea
Librería Aciertas (Toledo)
Kálamo Books
Librería Perelló (Valencia)
Librería Elías (Asturias)
Donde los libros
Librería Kolima (Madrid)
Librería Proteo (Málaga)
देवेंद्र सिंह यादव, एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले लेखक हैं, जिनका जन्म 2 मार्च 2005 को बिरोरा पहाड़, पृथ्वीपुर (जिला निवाड़ी, मध्यप्रदेश) में हुआ। वे एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और जीवन के प्रारंभिक अनुभवों ने ही उन्हें ग्रामीण समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ दिया।शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले देवेंद्र यादव ने अपनी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई में टॉप किया। वे न सिर्फ एक लेखक हैं बल्कि एक विचारशील पाठक भी हैं, जिन्हें किताबें पढ़ने का गहरा शौक है। वे अज्ञेयवाद (Absurdism) में विश्वास रखते हैं और लेखन को अपने विचारों को समाज तक पहुँचाने का माध्यम मानते हैं।''गांव की अदालत'' उनकी पहली प्रमुख कृति है, जिसमें उन्होंने गांव की सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था को बारीकी से समझाने और पाठकों को सोचने के लिए मजबूर करने की कोशिश की है। यह पुस्तक सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि गांवों की उस अनकही सच्चाई का दस्तावेज़ है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।देवेंद्र का मानना है कि जब तक गांव नहीं जागेगा, तब तक देश नहीं बदलेगा। उनकी लेखनी में एक दर्द है, एक सवाल है और एक उम्मीद भी-जो बदलाव की ओर इशारा करती है।