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नम्रता जेना की पहली पुस्तक ''अभिनंदिता'' एक कविता संग्रह है। यह पुस्तक हमें अपने जीवन को उत्सव के रूप मनाने का संदेश देती है। इस पुस्तक की कविताऍं विविध विषयों पर लिखी गयी हैं जो कवयित्री के जीवन के खूबसूरत पलों और उनकी ज्वलंत कल्पना का संयोजन है।यह कविताएँ मानव जीवन के विभिन्न चरणों के साथ-साथ देश प्रेम, प्राकृतिक सौंदर्य,नारी शक्ति,देश से युवा, सामाज एवं अध्यात्म पर आधारित हैं जो हमारे देश के नागरिक को जागृत करने की प्रयास करती है। यह किताब पाठक को जीवन के संघर्षों को साहस प्रदर्शन एवं लक्ष्य प्राप्ति का अवसर के रूप समझने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करती है।''अभिनंदिता'' जीवन को शिकायतों के बिना स्वीकार कर, जीवन को प्रेम से अपनाकर संवारने का संदेश देती है।