LIBROS DEL AUTOR: vishnu saxena

6 resultados para LIBROS DEL AUTOR: vishnu saxena

  • Muskurati hai subah
    Vishnu Saxena
    न गीत लिखना आसान है और न ही ग़ज़ल कहना। सही मायने में ग़ज़ल के एक शेर में पूरी बात कहने का सलीक़ा अगर आ गया तो ग़ज़ल बहुत आसान लगने लगती है। मुशायरों में आने-जाने से शायर दोस्तों की सुहबत मिली तो ग़ज़ल कहने का शौक़ पैदा हो गया। धीरे-धीरे इतनी ग़ज़लें हो गईं कि लगने लगा कि इनकी तो एक किताब बनाई जा सकती है। कुछ शायर दोस्तों को दिखाईं तो सारी ग़ज़लें मुस्कुराने लगीं और अंजुमन प्रकाशन के स्पर्श ...
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    13,00 €

  • Diya hoon pyar ka
    Vishnu Saxena
    मेरे जीवन में जब मैंने प्रथम काव्य पाठ की शुरूआत की तो वह सबसे पहला मुक्तक ही था। अग्नि पुराण में मुक्तक को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि ’मुक्तकं श्लोकएवेकश्चमत्कार क्षम: सताम’ अर्थात चमत्कार की क्षमता रखने वाले एक ही श्लोक को मुक्तक कहते हैं। यह चमत्कार मैंने प्रत्यक्ष रुप में मंच पर अक्सर देखा भी है। जब मैं मुक्तकों से अपने काव्य पाठ का आरंभ करता हूँ तो प्रत्येक मुक्तक अपन...
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    13,19 €

  • Ek tumhari dastak se
    Vishnu Saxena
    ’एक तुम्हारी दस्तक से’ मेरा तीसरा गीत संकलन है। इस संकलन में शृंगार के अतिरिक्त जीवन के अन्य पहलुओं पर भी लिखी हुई रचनाएँ समाहित हैं। ’गीत अस्तित्व का नवनीत है’ यह आप्त वाक्य है मेरे आदर्श पद्म विभूषण गोपालदास नीरज जी का। मेरे संकलन के समस्त गीत, इस कथन को पूरी तरह पुष्ट करते हैं । मुझे उम्मीद है कि मेरे समस्त पाठक श्रोता और प्रशंसक इस गीत संकलन को भी अपना उतना ही स्नेह प्रदान ...
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    14,52 €

  • khushbu lutata hoon main
    Vishnu Saxena
    डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत बड़ी मटकी से नवनीत थोड़ा सा निकलता है। हर उम्र के युवाओं को बेहद पसंद है यह नवनीत। प्रेम संवेदनों और स्फुरणों को ...
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    13,03 €

  • Lockdown ka roznamacha
    Vishnu Saxena
    यह महज़ एक किताब नहीं, एक दस्तावेज़ है उस मुश्किल घड़ी का जो भारत ही नहीं पूरी दुनिया पर एक साथ आयी । इस पुस्तक में मैंने कोरोना से सम्बन्धित कविताएँ, टिप्पणियाँ, रोज़ का कोरोना मीटर तथा एक प्रसिद्ध व्यक्ति का साक्षात्कार भी समाविष्ट किया । इससे पूरी पुस्तक को लिखने में मुझे बहुत वक्त लगा; लेकिन मुझे विश्वास है पाठकों को पढ़ने में यह बहुत रोचक लगेगी। ...
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    16,62 €

  • Madhuban mile na mile
    Vishnu Saxena
    डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत बड़ी मटकी से नवनीत थोड़ा सा निकलता है। हर उम्र के युवाओं को बेहद पसंद है यह नवनीत। प्रेम संवेदनों और स्फुरणों को ...
    Disponible

    13,03 €