LIBROS DEL AUTOR: singh pratap narayan

10 resultados para LIBROS DEL AUTOR: singh pratap narayan

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  • Dhananjaya
    Pratap Narayan Singh
    A Novel about Arjun’s life based on Epic Mahabharat written by award winning writer. Why ’Dhananjaya’ is a must ’read’? 1.If you want to read a very interesting and racy novel. 2.If you want to be informed about Arjun’s character as brought out in Ved Vyas’s classic epic Mahabharata...his incomparable gallantry, his numerous ’affairs of the heart’, and his unique character roo...
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    28,10 €

  • Dhananjay in Odia (ଧନଞ୍ଜୟ)
    Pratap Narayan Singh
    ଏହି ଉପନ୍ୟାସଟି ମହାଭାରତ ଘଟଣାବଳୀ ଉପରେ ଆଧାରିତ । ଏହା ଏପରି ଏକ ଉପନ୍ୟାସ ଯାହାର ପଟ୍ଟଭୂମି ଉପରେ ତର୍କ ଅନୁରୂପ ବପନ କରାଯାଇଛି ।ଉପନ୍ୟାସର ନାୟକ ମହାଭାରତର ପ୍ରମୁଖ ପାତ୍ର ବୀର ଅର୍ଜୁନ। ଅର୍ଜୁନଙ୍କ ନାମ ଉଚ୍ଚାରଣ ହେଲା ମାତ୍ରେ ତାଙ୍କ ସାରଥୀ ଭଗବାନ ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣଙ୍କ ନାମ ମନ ମଧ୍ୟରେ ଅବତୀର୍ଣ୍ଣ ହୋଇଯାଏ । ମାତ୍ର ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣ କେବଳ ଅଠର ଦିନ ପାଇଁ କୁରୁକ୍ଷେତ୍ର ରଣାଙ୍ଗନରେ ତାଙ୍କର ସାରଥୀ ହୋଇଥିଲେ। ଏହା ପୂର୍ବରୁ ଅର୍ଜୁନ ଅନେକ ଯୁଦ୍ଧ କରିଥିଲେ। ସେହି ଯୁ...
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    22,79 €

  • The Helios of the Aravalis (Novel)
    Pratap Narayan Singh
    This novel is based upon the life of an individual so great that Indians - in fact, the entire human-kind -- has virtually worshipped for the past four centuries and a half, the attributes enshrined in him. To wit, his courage, fortitude, bravery and unflinching devotion to independence of spirit. He has been revered and remembered with a great deal of pride by our Nation’s int...
    Disponible

    21,77 €

  • Pyar, Kitni Baar! (प्यार, कितनी बार!)
    Pratap Narayan Singh
    उसकी प्रार्थना ईश्वर के द्वारा तत्काल स्वीकार कर ली गयी। रात के खाने तक उसे पता चल गया कि आये हुए सज्जन चाचा के बहुत अच्छे मित्र हैं। उनकी पुत्री का नाम रागिनी है और उसने लखनऊ विश्वविद्यालय में बी. ए. में प्रवेश लिया है। अभी हॉस्टल मिलने में कुछ दिन लगेंगे तब तक वह यहीं रहेगी। माता- पिता अपनी पुत्री को यहाँ छोड़ने आए हैं।रात में जब वह बिस्तर पर लेटा तो स्वयं को एक नयी सुखद अनु...
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    19,93 €

  • Management Guru kabir (मैनेजमेंट गुरु कबीर)
    Pratap Narayan Singh
    कबीर एक ऐसा नाम है जिसे उच्चारित करते ही व्यक्ति की आँखों के समक्ष समस्त बंधनों से मुक्त, सभी भेदभावों से परे और सम्पूर्ण दोषों का दमन कर चुके एक ऐसे संत, भक्त, चिन्तक, विचारक और समाज सुधारक की छवि उभर आती है जो निर्विवाद रूप से ज्ञान और भक्ति का एक सर्वकालिक प्रतिनिधि है। एक व्यक्ति जो अपने आलोचकों को आदरपूर्वक अपने घर आमंत्रित करता हो और जिसने ढाई अक्षर के माध्यम से भक्ति के...
    Disponible

    20,95 €

  • Sita
    Pratap Narayan Singh
    सीता विपिन में बैठकर पन्ने विगत के खोलतीतर्कों-वितर्कों पर सभी घटनाक्रमों को तोलती-बनकर गरल जो घुल रहा, वह कौन सा अभिशाप हैबड़वाग्नि सा हिय मध्य जलता, कौन सा वह पाप हैउत्तर रहित ही प्रश्न यह, है सामने मेरे पड़ाहै कौन सा दुष्कर्म मेरा फलित हो सम्मुख खड़ाक्यों घेर लाई है नियति, फिर वेदना की यामिनीहै आज क्यों वनवास फिर से, विवशता मेरी बनीविधिनाथ से मेरी खुशी, पल भर नहीं देखी गईकिस...
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    12,13 €

  • Jihad (Novel) जिहाद
    Pratap Narayan Singh
    इस्लामी धर्म-दर्शन का वास्तविक स्वरूप क्या है, यह तो उसके जानकारों को पता होगा, किंतु आज इस्लाम के नाम पर अनेक मुस्लिम संगठनों के द्वारा अन्य धर्म और सम्प्रदाय के लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उसी को मैंने इस पुस्तक में प्रदर्शित करने का प्रयत्न किया है।देवबंद के मदरसों में पढ़ाया जाता है कि ’शरीयत में जिहाद दीने-हक की ओर बुलाने और जो उसे कबूल न करे उससे जंग क...
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    17,60 €

  • Yogi ka Ramrajya (योगी का रामराज्य)
    Pratap Narayan Singh
    यह योगी के जीवन पर आधारित एक ऐसा उपन्यास है जिसमें योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व और कृतित्व के प्रति आम जन-मानस की धारणा के अनरूप चित्रित किया गया है। उपन्यास में वर्णित सभी प्रमुख घटनाएँ जो कथानक और पात्रों के चरित्र को प्रभावित करती हैं, वे सत्य हैं। हालाँकि कहीं-कहीं किसी विशेष भाव को उकेरने, किसी पात्र के चरित्र को दर्शाने या किसी कथ्य को प्रेषित करने हेतु कुछ छोटे-मोटे काल्...
    Disponible

    16,49 €

  • Yug Purush
    Pratap Narayan Singh
    यत्कृतम् यन्न केनापि, यद्दतं यन्न केनचित्। यत्साधितमसाध्यं च विक्रमार्केण भूभुजा॥(विक्रमादित्य ने वह किया जो आज तक किसी ने नहीं किया, वह दान दिया जो आज तक किसी ने नहीं दिया, वह असाध्य साधना की जो आज तक किसी ने नहीं की; अतएव उनका नाम सदैव अमर रहेगा।)विक्रमादित्य का प्रारम्भिक उल्लेख स्कंद पुराण और भविष्य पुराण सहित कुछ अन्य पुराणों में भी मिलता है। उसके अतिरिक्त विक्रम चरित्र, क...
    Disponible

    16,54 €

  • Dhananjay
    Pratap Narayan Singh
    अरे! ये तो साक्षात महादेव हैं! क्या मैं अभी तक महादेव से युद्ध कर रहा था! सोचकर मेरा रोम-रोम सिहर उठा। उन्हें सामने देखकर मन में भावनाओं का प्रबल ज्वार उठा और एक तरंग नख से शिख तक प्रवाहित हो गई। मैं दौड़कर उनके पास गया और दंडवत मुद्रा में लेट गया।उन्होंने मुझे कंधे से पकड़कर ऊपर उठाया और बोले, 'फाल्गुन! मैं तुम्हारे इस अनुपम पराक्रम, शौर्य और धैर्य से बहुत संतुष्ट हूँ। तुम्हार...
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    22,67 €