LIBROS DEL AUTOR: rajendra mohan bhatnagar

11 resultados para LIBROS DEL AUTOR: rajendra mohan bhatnagar

rajendra mohan bhatnagar Eliminar filtro Quitar filtros
  • Bharat Ratna Dr. Bhim Rao Ambedkar
    Rajendra Mohan Dr. Bhatnagar
    यह पुस्तक विशेष रूप से उन चुनौतियों पर केंद्रित है जिनका सामना अंबेडकर ने एक ऐसे समाज में किया जहाँ जातिगत भेदभाव अपनी चरम सीमा पर था, और कैसे उन्होंने इन बाधाओं को पार करते हुए दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई। 'भारत रत्न भीमराव अंबेडकर' केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि यह अंबेडकर के दर्शन, उनकी समाज सुधार की पहल और समानता तथा न्याय पर आधारित एक बेहतर भारत के उनके स...
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    18,68 €

  • The Rider of Blue Horse
    Rajendra Mohan Bhatnagar
    The Rider of Blue Horse (Neele Ghore ka Sawar) is a novel based on the sparkling and heroic life of globally well-known Maharana Pratap of Mewar, who fought a long war with the unequal mighty army of Mughal Emperor Akbar, who wanted to bow down Mewar. Maharana Pratap lit a light of freedom, pride, and self-respect among the people of Mewar, inspiring the nation’s struggle for f...
    Disponible

    29,14 €

  • Valentine Day (वैलेंटाइन डे)
    Rajendra Mohan Bhatnagar
    प्रस्तुत है, राजेन्द्रमोहन भटनागर का नया उपन्यास - वैलेंटाइन डे जिसमें प्रेमी-प्रेमिकाओं के प्यार भरे जज्बात को एक नये अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। यदि आप ’वैलेंटाइन ’डे’ को चिरस्थायी बनाना चाहते हैं और एक रिश्ते का नाम देना चाहते हैं, तो इस पुस्तक को पढ़ना अपने आप में एक सुखद अनुभव होगा। और दे डालें यह बेहतरीन उपहार उसे जिसे तुम्हारा दिल बार-बार पुकारता है। सच्ची घटनाओं पर...
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    20,73 €

  • Na Gopi, Na Radha (न गोपी, न राधा)
    Rajendra Mohan Bhatnagar
    ’न गोपी, न राधा’ डॉ. राजेन्द्र मोहन भटनागर का अप्रतिम उपन्यास है। मीरा न गोपी थी, न राधा । वह मीरा ही थी। अपने आप में मीरा होने का जो अर्थ-सौभाग्य है, वह न गोपियों को मिला था और न राधा को। वह अर्थ-सौभाग्य क्या था, यही इस उपन्यास का मर्म है।इसी मर्म की जिज्ञासा ने डॉ. भटनागर को मीरा पर तीन उपन्यास लिखने की प्रेरणा दी- ’पयस्विनी मीरा’, ’श्यामप्रिया’ और ’प्रेमदीवानी’। अचरज यह है क...
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    28,14 €

  • Buddham Sharnam Gachhami
    Rajendra Mohan Bhatnagar
    बुद्धम् शरणम् गच्छामि गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित उपन्यास है। गौतम बुद्ध एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म की स्थापना हुई। इनका जन्म कपिलवस्तु (वर्तमान नेपाल में) के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था और वे बचपन से ही दयालु थे। 29 वर्ष की आयु में सिद्धार्थ अपने नवजात शिशु राहुल, धर्मपत्नी यशोधरा और राजपाठ का मोह त्यागकर सत्य ज्ञान की खोज में ...
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    18,60 €

  • Yogi Arvind
    Dr.Mohan Rajendra Bhatnagar
    अरविन्दो को जानने के लिए यह योग्यता जरूरी है।....श्री अरविन्दो को कारागार में श्रीकृष्ण के दर्शन क्यों हुए? कैसे क्रांति का मंत्रदाता योग का पर्याप्त बना? यह कैसे सिद्ध किया कि मनुष्य ही ईश्वर है, यदि वह अपने को पहचान सके? पर अपने को वह कैसे पहचाने? इसी गूढ़ रहस्य से यह अन्तर्गाथा पर्दा उठाती है और वह आनंद की यात्रा का सहभागी बन जाता है।सकार की यही निराकार यात्रा ईश्वरत्व के अ...
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    26,19 €

  • Yuva Arvind
    Dr. Mohan Rajendra Bhatnagar
    यह एक ऐसे महापुरुष की संघर्ष-कथा है, जो कठिनाइयों में भी आत्मा से निर्देशित होते रहे। वह इंग्लैंड में पढ़े। आई.सी.एस. की परीक्षा पास की, पर देश-भक्ति के जुनून में पद ठुकरा दिया। भारत लौटकर बड़ौदा शासन के ऊंचे वेतन को छोड़कर राष्ट्रीय कॉलेज में थोड़े वेतन पर प्राचार्य हो गए । ’वन्दे मातरम’ कलकत्ता से निकाला, जो क्रांतिकारियों और देश-भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बना। जिसके कारण अ...
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    26,26 €

  • Prem Diwani (प्रेम दीवानी)
    Dr. Rajendra Mohan Bhatnagar
    प्रेम का एक रंग होता है, एक भाव और एक दिशा। उस पर दूजा रंग नहीं चढ़ सकता। फिर मीरा पर कैसे चढ़ता ! वह तो प्रेम दीवानी थी।मीरा ने हृदय में डूबकर उसकी गहराई से ऐसा गाया कि वह अमृत वाणी गा उठा।मीरा ने जो गाया, जिसके लिए गाया, वह उसमें ऐसा डूबकर गाया कि उसमें और मीरा में कोई भेद ही नहीं रहा। मीरा उसकी होकर रह गई। उसने अपने को भुला दिया। उसे अपनी सुध-बुध ही नहीं रही।दीवानापन पगला दे...
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    26,22 €

  • Agyatvas Ka Humsafar (अज्ञातवास का हमसफ़र)
    Dr. Bhatnagar Rajendra Mohan
    डॉ. राजेंद्र मोहन भटनागर ऐतिहासिक और जीवनीपरक उपन्यासों के लेखकों में सबसे अग्रणी हैं। इस तरह के उपन्यास लिखना एक विशेष कौशल की माँग करता है। डॉ. भटनागर इस कला में सिद्धहस्त हैं, जो उनके इस तरह के 80 से अधिक बहुप्रशंसित उपन्यासों से प्रमाणित है। 2 मई 1938 को अंबाला में रोहतक के एक जमींदार-परिवार में जन्मे डॉ. भटनागर ने इन उपन्यासों के अतिरिक्त 14 नाटक, 13 कहानी-संग्रह, 18 आलोच...
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    24,11 €

  • The Last Days of Subhash
    Dr. Bhatnagar Rajendra Mohan
    ’Agyatvas ka humsafar’ is not just a work of fiction but a testimonial to the support lent by the family and friends of this great leader. It is also the story of colonization and colonies all over the world. Subhash Chandra Bose was a formidable foe of the allies especially the British who left granted India a broken freedom, shackling India forever to its colonial past. The ...
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    24,10 €

  • Sur Shyaam
    Rajendra Mohan Dr. Bhatnagar
    ’मुझे किसी की तपस्या में व्यवधान बनने का क्या अधिकार था ? मेरा मन आपको देखते ही आकृष्ट हो गया था। आपको पाना मेरा लक्ष्य बन गया था। मैं उसके लिए जो कर सकती थी, वह मैंने किया। आपके मन के चलायमान होने का मैं कारण हूँ। मैं तब भूल गई थी कि मैं क्या करने जा रही हूँ। रात को आई थी तो प्रणय निवेदनार्थ। मेरी नियति बंधनमयी है। मेरे संस्कार बंधनमय हैं। मैं विघ्न स्वरूपा हूँ। माया मेरी वृत्...
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    17,52 €