LIBROS DEL AUTOR: phoolkali poonam

5 resultados para LIBROS DEL AUTOR: phoolkali poonam

phoolkali poonam Eliminar filtro Quitar filtros
  • Pataa zindagi ka
    Phoolkali ’Poonam’
    मुझ अकिंचन के दो ग़ज़ल-संग्रह ’बोलती रोशनाई’ और ’आईने में चाँद’ को आप सम्मानित पाठकगणों द्वारा अत्यधिक सराहा गया और भरपूर समीक्षायें लिखी गईं जो मेरे लिये किसी पुरस्कार से कम नहीं हैं... अभिभूत हूँ। आपके इसी प्यार दुलार से मेरे अल़्फ़ाज़ उड़ान भरते रहे, चाँद-सितारों से होते हुये वो दूसरे अदृश्य जहाँ को देखने की कोशिश में हर क्षण तसव्वुर के दर पर सजदा करते रहे। आख़िर में हमारी ख़ामोशी ...
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    15,59 €

  • Bekhabar waqt
    Phoolkali ’Poonam’
    मुझ अकिंचन के दो ग़ज़ल-संग्रह ’बोलती रोशनाई’ और ’आईने में चाँद’ को आप सम्मानित पाठकगणों द्वारा अत्यधिक सराहा गया और भरपूर समीक्षायें लिखी गईं जो मेरे लिये किसी पुरस्कार से कम नहीं हैं... अभिभूत हूँ। आपके इसी प्यार दुलार से मेरे अल़्फ़ाज़ उड़ान भरते रहे, चाँद-सितारों से होते हुये वो दूसरे अदृश्य जहाँ को देखने की कोशिश में हर क्षण तसव्वुर के दर पर सजदा करते रहे। आख़िर में हमारी ख़ामोशी ...
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    15,59 €

  • Ret ka samandar
    Phoolkali ’Poonam’
    मुझ अकिंचन के दो ग़ज़ल-संग्रह ’बोलती रोशनाई’ और ’आईने में चाँद’ को आप सम्मानित पाठकगणों द्वारा अत्यधिक सराहा गया और भरपूर समीक्षायें लिखी गईं जो मेरे लिये किसी पुरस्कार से कम नहीं हैं... अभिभूत हूँ। आपके इसी प्यार दुलार से मेरे अल़्फ़ाज़ उड़ान भरते रहे, चाँद-सितारों से होते हुये वो दूसरे अदृश्य जहाँ को देखने की कोशिश में हर क्षण तसव्वुर के दर पर सजदा करते रहे। आख़िर में हमारी ख़ामोशी ...
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  • Bechain chandani
    Phoolkali ’Poonam’
    मुझ अकिंचन के दो ग़ज़ल-संग्रह ’बोलती रोशनाई’ और ’आईने में चाँद’ को आप सम्मानित पाठकगणों द्वारा अत्यधिक सराहा गया और भरपूर समीक्षायें लिखी गईं जो मेरे लिये किसी पुरस्कार से कम नहीं हैं... अभिभूत हूँ। आपके इसी प्यार दुलार से मेरे अल़्फ़ाज़ उड़ान भरते रहे, चाँद-सितारों से होते हुये वो दूसरे अदृश्य जहाँ को देखने की कोशिश में हर क्षण तसव्वुर के दर पर सजदा करते रहे। आख़िर में हमारी ख़ामोशी ...
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  • Aaine Me Chaand
    Phoolkali ’Poonam’
    मुझ अकिंचन के पहले ग़ज़ल-संग्रह ’बोलती रोशनाई’ को आप सम्मानित पाठकगणों द्वारा अत्यधिक सराहा गया और भरपूर समीक्षायें लिखी गईं जो मेरे लिये किसी पुरस्कार से कम नहीं हैं... अभिभूत हूँ। आपके इसी प्यार दुलार से मेरे अल़्फा़ज उड़ान भरते रहे, चाँद-सितारों से होते हुये वो दूसरे अदृश्य जहाँ को देखने की कोशिश में हर क्षण तसव्वुर के दर पर सज़दा करते रहे। आ़िखर में हमारी ख़ामोशी इबादत रंग लायी ...
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