LIBROS DEL AUTOR: kushwaha kant

5 resultados para LIBROS DEL AUTOR: kushwaha kant

  • Apna Paraya - (अपना पराया)
    Kushwaha Kant
    कुशवाहा कान्त हिन्दी उपन्यास जगत पर पिछले 40 वर्षों में छाये हुए हैं। उनकी सरल सश्क्त लेखनी ने हिन्दी उपन्यास जगत में हलचल मचा दी थी। उनके उपन्यासों में जहां श्रंगार रस का अनूठा समन्वय है, वहीं क्रांतिकारी लेखनी व जासूसी कृतियों में भी उनका कोई सानी नहीं है। उनका प्रत्येक उपन्यास पढ़कर पाठक उनके पूरे उपन्यास पढ़ना चाहता है। क्रांतिकारी और जासूसी कृतियों से लबरेज कुशवाहा कान्त का ...
    Disponible

    13,32 €

  • Jalan - (जलन)
    Kushwaha Kant
    कुशवाहा कान्त हिन्दी उपन्यास जगत पर पिछले 40 वर्षों में छाये हुए हैं। उनकी सरल सश्क्त लेखनी ने हिन्दी उपन्यास जगत में हलचल मचा दी थी। उनके उपन्यासों में जहां श्रंगार रस का अनूठा समन्वय है, वहीं क्रांतिकारी लेखनी व जासूसी कृतियों में भी उनका कोई सानी नहीं है। उनका प्रत्येक उपन्यास पढ़कर पाठक उनके पूरे उपन्यास पढ़ना चाहता है। क्रांतिकारी और जासूसी कृतियों से लबरेज कुशवाहा कान्त का ...
    Disponible

    12,13 €

  • Manzil (मंज़िल)
    Kushwaha Kant
    कुशवाहा कान्त हिन्दी उपन्यास जगत पर पिछले 40 वर्षों में छाये हुए हैं। उनकी सरल सश्क्त लेखनी ने हिन्दी उपन्यास जगत में हलचल मचा दी थी। उनके उपन्यासों में जहां श्रंगार रस का अनूठा समन्वय है, वहीं क्रांतिकारी लेखनी व जासूसी कृतियों में भी उनका कोई सानी नहीं है। उनका प्रत्येक उपन्यास पढ़कर पाठक उनके पूरे उपन्यास पढ़ना चाहता है। क्रांतिकारी और जासूसी कृतियों से लबरेज कुशवाहा कान्त का ...
    Disponible

    15,50 €

  • Lal Rekha
    Kushwaha Kant
    *लाल रेखा;* एक बारगी आपको मोहब्बत का इंक़लाब लग सकती है, लेकिन ऐसा है नहीं।हाॅं ये इंक़लाब की बात ज़रुर करती है, लेकिन ब्रिटिश हुकूमत से। ब्रितानी सरकार में रहते हुए कैसे भारतीयों को एक तरफ वफ़ादरी निभानी पड़ती थी, तो दूसरी तरफ राष्ट्र के लिए कु़र्बानी देनी पड़ी।शुरुआत में किताब फ़ौरी जानकारी देती है, पर लेखक ’कुशवाह कांत’ का श्रम आपको अंत में जाकर चौंका देता है। तब आप सन्न रह जाते है...
    Disponible

    16,52 €

  • Lal Rekha (Novel)
    Kushwaha Kant
    ...
    Disponible

    16,57 €