LIBROS DEL AUTOR: indra singh arsela

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  • Mujhko Jeekar Dekh (Navgeet Sangrah) मुझको जीकर देख (नवगीत संग्रह)
    Indra singh Arsela
    'मुझको जीकर देख' एक संवेदनशील गीत संग्रह है, जो आम आदमी के संघर्ष, पीड़ा, सपनों और उम्मीदों को स्वर देता है। इस संग्रह के गीत सामाजिक असमानता, न्याय, मानवता, लोकतंत्र, जातिवाद, गरीबी, बेरोज़गारी, अंधविश्वास और मानवीय मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं। यह संग्रह पाठकों को समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराते हुए संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और सकारात...
    Disponible

    12,25 €

  • Main Chup Rha To
    Indra Singh Arsela
    ग़ज़लकार इन्द्रसिंह अरसेला का चौथा ग़ज़ल संग्रह 'मैं चुप रहा तो' प्रकाशित हो कर आपके हाथों में है। चूँकि आपके पूर्व के तीनों ग़ज़ल संग्रह भी अंजुमन प्रकाशन से ही प्रकाशित हैं, मैंने पाठक, प्रकाशक और ग़ज़ल-प्रेमी तीनों भूमिकाओं के साथ इन्द्रसिंह जी के ग़ज़ल लेखन की अब तक की यात्रा को बहुत करीब से देखा है और मेरे लिए यह सुखद अनुभव रहा है कि इन्द्रसिंह जी की यह साहित्यिक यायावरी दिनों-दिन औ...
    Disponible

    14,47 €

  • Yaad Hai Na
    Indra Singh Arsela
    आजकल की हिंदी ग़ज़ल उर्दू, हिंदी, फ़ारसी, अंग्रेज़ी के मिक्चर की तरह है मतलब किसी भी भाषा से कोई परहेज़ नहीं है एक ग़ज़ल में हिंदी, उर्दू, फ़ारसी या अंग्रेज़ी चारों भाषाओं का उपयोग देखने को मिल सकता है। मेरे सामने युवा ग़ज़ल कार रेडी हिम्मतपुर खनियाँधाना जिला शिवपुरी की ग़ज़लें हैं जिनमें प्रेम है तो वियोग है- दुख है तो ख़ुशी है- रंज है तो हर्ष है संगतियाँ हैं तो विसंगतियाँ भी हैं यानी कि जी...
    Disponible

    12,23 €