LIBROS DEL AUTOR: giriraj sharan dr agarwal

6 resultados para LIBROS DEL AUTOR: giriraj sharan dr agarwal

giriraj sharan dr agarwal Eliminar filtro Quitar filtros
  • Bachchon Ke Rochak Natak (बच्चों के रोचक नाटक)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal
    विद्यालयो में प्रतिवर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अवसरों पर बच्चे नाटकों का भी अभिनय करते हैं। तब बच्चों की भाषा में लिखे गए सरल नाटकों की खोज होती है। ये रोचक नाटक विशेष रूप से विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। ये सरल भी हैं और मनोरंजक भी। मंच पर इनका अभिनय किया जा सके इसी उद्देश्य से प्रस्तुत हैं बच्चों के ये रोचक नाटक। ...
    Disponible

    15,51 €

  • Tenaliram Ki Sujh Bujh (तेनालीराम की सूझबूझ)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal
    तेनालीराम के जीवन की अनेकानेक परिहास-कथाएँ प्रचलित हैं। इनमें से कुछ कथाएँ हम इस पुस्तक में प्रस्तुत कर रहे हैं। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि ये रुचिकर कथाएँ हमारे पाठकों को अवश्य पसंद आएँगी। भविष्य में हम इनसे भी रुचिकर कथाएँ प्रस्तुत करते रहेंगे। ...
    Disponible

    15,51 €

  • Bachchon Ke Hasya Natak (बच्चों के हास्य नाटक)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal
    विद्यालयों में प्रतिवर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अवसरों पर बच्चे नाटकों का भी अभिनय करते हैं। तब बच्चों की भाषा में लिखे गए सरल नाटकों की खोज होती है।ये हास्य नाटक विशेष रूप से विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। ये सरल भी हैं और मनोरंजक भी।मंच पर इनका अभिनय किया जा सके इसी उद्देश्य से प्रस्तुत हैं बच्चों के ये हास्य नाटक। ...
    Disponible

    26,90 €

  • Mullah Nasruddin (मुल्ला नसरुद्दीन)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal / Giriraj Sharan DrAgarwal
    मुल्ला नसरुद्दीन अपने समय का सबसे ज्यादा चालाक व होशियार व्यक्ति था। वह तरह-तरह की तिकड़मबाजियों से अमीरों से धन बटोर कर गरीबों में बाँट देता था, जिससे गरीब लोग उसे देवता की तरह पूजते थे। जनता में लोकप्रिय होने के कारण वह सदा ही शासकों की नज़रों में खटकता रहता था। अनेक शासक और जागीरदार उसे फांसी पर चढ़ा देना चाहते थे, लेकिन वह हर बार अपनी होशियारी से बच निकलता था। ...
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    17,69 €

  • Guru Nanak Dev (गुरु नानक देव)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal / Giriraj Sharan DrAgarwal
    भारतवर्ष में गुरु और शिष्य की परम्परा बहुत प्राचीन है। गुरु का स्थान परमेश्वर से भी ऊंचा माना गया है। गुरु के द्वारा ही व्यक्ति को सांसारिक ज्ञान प्राप्त होता है और गुरु के द्वारा ही उसे इस ज्ञान का बोध होता है कि किस प्रकार परमेश्वर को प्राप्त किया जा सकता है। संत और भक्ति साहित्य हमारे देश की अमूल्य धरोहर है। यह साहित्य एक ओर हमारे भविष्य और हमारे जीवन का आधार है तो दूसरी ओर ...
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    16,67 €

  • Krantiveer Subhash (क्रांतिवीर सुभाष)
    Giriraj Sharan Dr. Agarwal
    मैं विश्वास दिला दूँ कि अँधेरे में, उजाले में, गम और खुशी में, कष्ट-सहन और विजय में-मैं आपके साथ ही रहूँगा। इस समय तो मैं आपको भूख, प्यास, कठिनाई और मृत्यु के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता; किंतु यदि आप मेरा साथ जीवन और मरण में दें, जैसा कि मझे विश्वास है कि आप ज़रूर देंगे, तो मैं आपको विजय और स्वतंत्रता तक पहुँचा दूंगा।-सुभाषचंद्र बोस ...
    Disponible

    14,42 €