LIBROS DEL AUTOR: dayanand pandey

22 resultados para LIBROS DEL AUTOR: dayanand pandey

  • 36 Kahaniyan (36 कहानियां)
    Dayanand Pandey
    यह कहानी-संग्रह किसी वैचारिक आंदोलन का घोषणापत्र नहीं है। यह उस सूक्ष्म 9 जीवन-दर्शन का दस्तावेज़ है, जो साधारण घटनाओं के भीतर चुपचाप आकार लेता है। इन कहानियों में न कथा-कौशल का प्रदर्शन है, न भाषा का अलंकरण-यहां संयम ही सौंदर्य है और मौन ही सब से मुखर वक्तव्य।इन 36 कहानियों का संयुक्त प्रभाव यह है कि पाठक स्वयं को किसी एक कथा में नहीं, बल्कि अनेक कथाओं के छोटे-छोटे टुकड़ों में...
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    29,32 €

  • Katha-Lucknow-4 (कथा-लखनऊ-4)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-10 (कथा-लखनऊ-10)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-1 (कथा-लखनऊ-1)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-6 (कथा-लखनऊ-6)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-7 (कथा-लखनऊ-7)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-2 (कथा-लखनऊ-2)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-8 (कथा-लखनऊ-8)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-5 (कथा-लखनऊ-5)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Katha-Lucknow-3 (कथा-लखनऊ-3)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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    16,49 €

  • Katha-Lucknow-9 (कथा-लखनऊ-9)
    Dayanand Pandey
    कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है, जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ कागज पर कलम से ही नहीं। उंगलियों से कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल पर ही नहीं। कहानी दुनिया भर में दुनिया की सभी भाषाओं में लिखी गई है। पर लखनऊ में जैसी और जिस तरह की कहानियां लिखी गई हैं और निरंतर लिखी जा रही हैं, कहीं और नहीं। हर ...
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  • Dayanand Pandey ki 21 Kahaniyan (दयानंद पांडेय की 21 कहानियां)
    Dayanand Pandey
    कोई 13 उपन्यास, 13 कहानी-संग्रह समेत कविता, गजल, संस्मरण, लेख, इंटरव्यू, सिनेमा सहित दयानंद पांडेय की विभिन्न विधाओं में 75 पुस्तकें प्रकाशित हैं। अपनी कहानियों और उपन्यासों के मार्फत लगातार चर्चा में रहने वाले दयानंद पांडेय का जन्म 30 जनवरी, 1958 को गोरखपुर जिले के एक गांव बैदौली में हुआ। वर्ष 1978 से पत्रकारिता । सर्वोत्तम रीडर्स डाइजेस्ट, जनसत्ता, नई दिल्ली, स्वतंत्र भारत, न...
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    20,70 €

  • Lok Kavi Ab Gaate Nahin (Bhojpuri Upnyas)
    Dayanand Pandey
    मशहूर हिंदी साहित्यकार दयानंद पाण्डेय के लिखल हिंदी उपन्यास 'लोक कवि अब गाते नहीं' भोजपुरी भाषा, ओकरा गायकी आ भोजपुरी समाज के क्षरण के कथे भर ना होके लोक भावना आ भारतीय समाज के चिंता के आइनो है। गांव के निर्धन, अनपढ़ आ पिछड़ी जाति के एगो आदमी एक जून भोजन, एगो कुर्ता पायजामा पा जाए का ललक आ अनथक संघर्ष का बावजूद अपना लोक गायकी के कइसे बचा के राखऽता, ना सिर्फ लोक गायकी के बचा के...
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    15,46 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-3 (कथा-गोरखपुर खंड-3)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    17,85 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-4 (कथा-गोरखपुर खंड-4)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    17,77 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-5 (कथा-गोरखपुर खंड-5)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    17,80 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-1 (कथा-गोरखपुर खंड-1)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    16,70 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-2 (कथा-गोरखपुर खंड-2)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    17,77 €

  • Katha-Gorakhpur Khand-6 (कथा-गोरखपुर खंड-6)
    Dayanand Pandey
    जाग मछंदर गोरख आया! कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न :मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठायहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी क...
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    16,78 €

  • Baansgaon Ki Munmun (बांसगांव की मुनमुन)
    Dayanand Pandey
    ’पति छोड़ दूंगी पर नौकरी नहीं।’ बांसगांव की मुनमुन का यह स्वर गांव और क़स्बों में ही नहीं बल्कि समूचे निम्न मध्यवर्गीय परिवारों में बदलती औरत का एक नया सच है। पति परमेश्वर की छवि अब खंडित है। ऐसी बदकती, खदबदाती और बदलती औरत को क़स्बे या गांव का पुरुष अभी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। उसके सगे भाई भी नहीं। पैसा और सफलता अब परिवार में भी राक्षस बन गए हैं। सर्प बन चुकी सफलता अब कैसे एक...
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    14,39 €

  • MOHABBAT KA JAHANPANAH
    Dayanand Pandey
    मुहब्बत का जहांपनाह की ग़ज़लें लीक से हट कर ग़ज़लें हैं। प्रेम समर्पण से भरपूर। ख़ुद्दारी और आक्रोश को भी समेटे दूसरी ओर। इस उत्तर आधुनिक युग के यंत्र तंत्र को भी ध्वनित करती हुई। गज़लें वास्तव में नई तासीर नए तेवर लिए हैं। उद्वेलित करती हैं। आंदोलित करती हैं। अंधकार से मुक़ाबला करती हैं। ये ग़ज़लें अधिक बोल्ड और सटीक हैं। दयानंद पांडेय ग़ज़ल लिखते समय, भावनाओें में बह कर शेर कहते हैं। ...
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  • DAYANAND PANDEY KE 3 CHARCHEET UPANYAS
    Dayanand Pandey
    सहजता ही दयानंद पांडेय के उपन्यासों की शक्ति है। उन के उपन्यासों में व्यौरे बहुत मिलते हैं। ऐसा लगता है, जीवन को यथासंभव विस्तार में देखने की एक रचनात्मक जिद भी उन के उपन्यासकार का स्वभाव है। इस शक्ति और स्वभाव का परिचय देते उन के यह तीन उपन्यास इस में पढ़े जा सकते हैं। इन तीनों उपन्यासों में समकालीन समाज के कुछ ऐसे बिंब हैं जिनमें ’अप्रत्याशित जीवन’ की अनेक छवियां झिलमिलाती हैं...
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